UP के इस युवक ने बनाई गजब की डिवाइस, घर से 500KM दूर बैठकर भी गार्डन में दे सकेंगे पानी, जानिए कैसे?
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Meerut News: सागर कामेश मेहता ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में सौर ऊर्जा संचालित मोबाइल नियंत्रित मिस्ट सिंचाई प्रणाली बनाई है, जिससे दूर रहकर भी पौधों को पानी दिया जा सकता है. इसकी लागत 4000 रुपए है.
डिवाइस की जानकारी देते हुए
हाइलाइट्स
- सौर ऊर्जा से संचालित मोबाइल नियंत्रित मिस्ट सिंचाई प्रणाली बनाई गई.
- डिवाइस की लागत 4000 रुपए है, बड़ी मात्रा में कीमत कम होगी.
- 500KM दूर से भी पौधों को पानी देने की सुविधा.
विशाल भटनागर/ मेरठ: आज के समय में देखने को मिलता है कि काफी ऐसे लोग हैं जो अपने घर के एक कोने को गार्डन के रूप में ही तब्दील कर देते हैं. जिसमें विभिन्न प्रकार के फलदार पौधों के साथ फूल एवं सब्जियों को लगाते हैं, लेकिन उनके सामने एक ही सबसे बड़ी समस्या होती है अगर वह कहीं घूमने चले जाएं तो पौधों की सूखने की संभावनाएं बढ़ जाती है. लेकिन अब ऐसे लोगों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. बल्कि वह अपने घर से 500 किलोमीटर दूर बैठकर भी पेड़ पौधों में नियमित रूप से पानी दे सकेंगे. जी हां यह दावा हमारा नहीं बल्कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सर छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज के बीटेक कृषि अभियांत्रिकी के छात्र सागर कामेश मेहता का है. क्योंकि उन्होंने एक ऐसी आधुनिक डिवाइस तैयार की है, जिसे मोबाइल से संचालित करते हुए आप पौधों में पानी दे सकेंगे.
सौर ऊर्जा से संचालित होगी यह डिवाइस
स्टूडेंट सागर कामेश मेहता ने लोकल-18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि उसने कई बार देखा कि आसपास के क्षेत्र में लोग बालकनी में गमले की अंदर विभिन्न प्रकार के पौधे लगाते हैं. जिससे घर खूबसूरत दिखे, लेकिन जब गर्मियों की छुट्टियों में घूमने के लिए जाते हैं, तो उस दौरान पेड़ों में पानी नहीं जा पाता है. जिससे वह सूख जाते हैं. इन्ही बातों ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा संचालित मोबाइल नियंत्रित मिस्ट सिंचाई प्रणाली डिवाइस तैयार की है. जिसके माध्यम से आप मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल कर घर से काफी दूर बैठे हुए भी गमले में पानी दे सकेंगे. जो गमले में नमी और रियल टाइम की पूर्ण जानकारी आपको मोबाइल पर अपडेट करते रहेगी. उसके अनुसार ही आप पौधों को पानी दे सकते हैं.
4000 रुपए में तैयार हो गई है डिवाइस
स्टूडेंट सागर कामेश मेहता ने बताया कि उनके द्वारा जो यह डिवाइस तैयार की गई है, उसमें 4000 रुपए की लागत लगी है. लेकिन जब इसे बड़ी मात्रा में तैयार किया जाएगा. तो इसकी कीमत कम होगी. उन्होंने बताया की इस मॉडल को तैयार करने में उन्होंने 12 वोल्ट की बैटरी, 12 वोल्ट का पानी का पंप और एक एमसीयू सर्किट के साथ ही 12 वोल्ट की रिले, पाइप और मिट्टी की नमी मापने वाले सेंसर और मिस्ट नोजेल्स का उपयोग किया गया है. जो आपको सटीक जानकारी देगा. खास बात यह है कि यह पानी की भी बचत करेगा. क्योंकि अभी तक देखा जाता है कि गमले में सीधे पानी दिया जाता है. लेकिन इस यंत्र का उपयोग करते हुए आप पत्तियों में पानी दे सकेंगे जिससे पौधे की ग्रोथ भी बढ़ेगी.
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बताते चलें कि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर इंजीनियर आशुतोष मिश्रा ने कहा कि स्टूडेंट द्वारा जो यह डिवाइस तैयार की गई है. यह काफी बेहतर है. क्योंकि इसके माध्यम से जो किसान विभिन्न प्रकार के किचन गार्डन एवं अन्य तरह की पौध भी लगते हैं. वह भी इसका उपयोग करेंगे. हिसाब से पानी देने में काफी सुविधा मिलेगी.