अब किसान एक साथ कर सकेंगे 8 तरह की सब्जियों की खेती, बस अपनाएं ये तकनीक, तगड़ा होगा मुनाफा

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अब किसान एक साथ कर सकेंगे 8 तरह की सब्जियों की खेती, बस अपनाएं ये तकनीक, तगड़ा होगा मुनाफा


 सौरभ वर्मा/ रायबरेली: अगर आप भी एक साथ कई सब्जियों की खेती करके कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि आज हम उन्हीं  सब्जियों की खेती से जुड़ी एक ऐसी खास विधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका उपयोग करके वह अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. क्योंकि इस तकनीकी के जरिए खेती करने वाले किसान एक साथ कई सब्जियों की खेती आसानी से कर सकते हैं. जिससे उन्हें कम लागत में बेहद अच्छा मुनाफा मिल जाएगा.

क्या है रिले क्रॉपिंग:

लोकल 18 से बात करते हुए रायबरेली के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ के प्रभारी अधिकारी कृषि शिवशंकर वर्मा बताते हैं कि रिले क्रॉपिंग एक कृषि तकनीक है. जिसमें एक ही खेत में एक फसल की कटाई से पहले दूसरी फसल की बुवाई की जाती है. इसका उद्देश्य खेत का अधिकतम उपयोग करना और फसल उत्पादन को बढ़ाना है. रिले क्रॉपिंग में फसलों को इस तरह उगाया जाता है कि एक फसल की वृद्धि और विकास के साथ ही दूसरी फसल उगाई जा सके. जिससे भूमि का उपयोग निरंतर बना रहे.

रिले क्रापिंग विधि से इन सब्जियों की करें खेती 

रिले क्रॉपिंग विधि का उपयोग करके भिन्न-भिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती एक साथ की जा सकती है. इस विधि में फसलों का संयोजन और समय प्रबंधन बहुत ही महत्वपूर्ण होता है. इस विधि से कुछ सब्जियों की खेती एक साथ की जा सकती है.

1. टमाटर और धनिया: पहले टमाटर की बुवाई करें. जब टमाटर की फसल पकने लगे, तब धनिया की बुवाई कर दें। धनिया जल्दी उगता है और टमाटर की कटाई होते-होते पकने के लिए तैयार हो जाता है.

2. मूली और पालक: मूली की फसल जल्दी तैयार हो जाती है. मूली के साथ पालक की बुवाई कर सकते हैं.मूली के तैयार होने तक पालक की पौध भी विकसित हो जाती है.

3. बैंगन और मिर्च: बैंगन की फसल का जीवन चक्र लंबा होता है। इसे मिर्च के साथ उगा सकते हैं। पहले बैंगन की बुवाई करें.जब बैंगन की पौध तैयार हो जाए.तब मिर्च की बुवाई करें.

4. प्याज और गाजर: प्याज की फसल के साथ गाजर की बुवाई करें.गाजर की जड़ें प्याज की फसल को नुकसान नहीं पहुंचातीं और दोनों फसलों की बुवाई और कटाई का समय अच्छा तालमेल बिठाता है.

5. लहसुन और टमाटर: लहसुन: पहले लहसुन की बुवाई करें. जब लहसुन की पौध अच्छी तरह से उग जाए.तब टमाटर की बुवाई करें.लहसुन की जड़ें मिट्टी में नमी बनाए रखती हैं.जो टमाटर की फसल के लिए फायदेमंद होती है.

6. गाजर और मूली: गाजर और मूली दोनों ही जल्दी उगने वाली फसलें हैं. आप पहले गाजर की बुवाई कर सकते हैं. और गाजर के बढ़ने के साथ-साथ मूली की बुवाई कर सकते हैं.

7. भिंडी और लौकी: भिंडी की बुवाई पहले करें, और जब भिंडी की फसल तैयार हो जाए, तब लौकी की बुवाई करें. लौकी की बेलें भिंडी के पौधों को छाया प्रदान कर सकती हैं.जिससे दोनों फसलों को फायदा होता है.

8. शिमला मिर्च और धनिया: पहले शिमला मिर्च की बुवाई करें, और जब पौधे अच्छी तरह से स्थापित हो जाएं, तब धनिया की बुवाई करें.धनिया जल्दी तैयार हो जाता है और शिमला मिर्च की फसल को लाभ पहुंचाता है.



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