बारिश के मौसम में करें इस सब्जी की खेती, कम लागत में होगा दोगुना मुनाफा
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Agriculture News: बारिश के मौसम में किसान धनिया की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. धनिया एक ऐसी फसल है जो हम दो तरह से उपयोग करते हैं.एक तो इसके बीज का मसाले में तो वहीं इसकी पत्तियों का उपयोग हम सब्जी का …और पढ़ें
बारिश के मौसम में मिलने वाली सब्जियों में तोरई ,लौकी, कद्दू के साथ ही सब्जियों का जायका बढ़ाने वाली धनिया के दाम भी आसमान छूते नजर आते हैं. ऐसे में बारिश के मौसम में किसान धनिया की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. धनिया एक ऐसी फसल है जो हम दो तरह से उपयोग करते हैं.एक तो इसके बीज का मसाले में तो वहीं इसकी पत्तियों का उपयोग हम सब्जी का जायका बढ़ाने के लिए करते हैं.
धनिया जितना हमारे खाने का स्वाद बढ़ाने कारगर होती है. उससे कहीं ज्यादा हम इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. गर्मी के मौसम के मुकाबले बारिश के मौसम में बाजारों में इसकी मांग अधिक बढ़ जाती है.क्योंकि बारिश के मौसम में बहुत ही कम किसान धनिया की खेती करते हैं. तो आइए कृषि विशेषज्ञ से जानते हैं. बारिश के मौसम में धनिया की खेती किस प्रकार से की जा सकती है.
धनिया की खेती से होगा अच्छा मुनाफा
कृषि के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले रायबरेली जिले के राजकीय कृषि केंद्र शिवगढ़ प्रभारी अधिकारी कृषि शिव शंकर वर्मा (बीएससी एजी डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद )लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि बारिश के मौसम में बाजारों में सब्जियों की आवक कम हो जाती है.जिससे सब्जियां महंगे दामों में बिकने लगते हैं .सब्जी का स्वाद बढ़ाने वाली धनिया भी बारिश के मौसम में बाजारों में बहुत ही कम मिलती है. इस सीजन में किसान धनिया की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. इस मौसम में बाजारों में धनिया की आवक कम होने के कारण इसके दाम आसमान छूने लगते हैं.
बारिश के सीजन में धनिया की खेती करने के लिए किसान खेत की गहरी जुताई करने के साथ ही बुवाई से 15 दिन पहले खेत में दवा का छिड़काव कर दें. जिससे खरपतवार नष्ट हो जाए.उसके बाद खेत में सड़ी हुई गोबर की खाद मिला दें.साथ ही उचित मात्रा में डीएपी और पोटाश का प्रयोग कर के खेत तैयार कर ले.
रोग एवं कीट से बचाव के लिए करें यह काम
बारिश के मौसम में खेत में नमी अधिक होने के कारण धनिया की फसल में कीट एवं रोग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. इससे बचाव के लिए किसान क्लोरोपायरीफास नामक दवा का छिड़काव करें.जिससे फसल में रोग एवं कीट न लगने पाए.
बुवाई करने से पहले धनिया के बीज को भिगोकर जूट की बोरी में रख दें. उसके बाद खेत में बुवाई करें.ऐसा करने से बीज का अंकुरण अच्छा होगा.
ऐसे करें बुवाई
शिवशंकर वर्मा बताते हैं कि बारिश के मौसम में धनिया की खेती करने के लिए किसान उस खेत का चयन करें. जिसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था हो .एवं दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए सबसे उपयोगी मानी जाती है. मिट्टी का पीएच मान 6.5 से 7.5 तक का होना चाहिए .आगे की जानकारी देते हुए बताते हैं कि धनिया की बुवाई पंक्तिवार करें. जिसमें पंक्ति से पंक्ति के बीच की दूरी 30 सेमी पौधे से पौधे की दूरी 10 से 15 सेमी के बीच होनी चाहिए .1 एकड़ में 8 से 10 किलो बीज की जरूरत पड़ेगी . बारिश के सीजन में धनिया बाजारों में 100 रूपए से लेकर 300 रूपए किलोग्राम तक आसानी से बिक जाती है. जिससे किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
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