अब खाकी नहीं, खादी की बारी..बरेली में हेड कांस्टेबल का अनोखा इस्तीफा, सोशल मीडिया पर वायरल
बरेली: जरा सोचिए, जिस सरकारी नौकरी और खाकी वर्दी को पाने के लिए युवा दिन-रात एक कर देते हैं, अगर कोई पुलिसवाला अचानक उसी वर्दी को उतारकर राजनीति के अखाड़े में कूदने का ऐलान कर दे, तो क्या होगा? यकीनन, भौकाल मच जाएगा! उत्तर प्रदेश के बरेली से ऐसा ही मामला सामने आया है. जी हां… यहां जीआरपी जंक्शन पर तैनात एक हेड कांस्टेबल ने नौकरी को ‘बाय-बाय’ कहने का मन बना लिया है. जिसके लिए उन्होंने बकायदा एसएसपी के नाम एक ऐसा अनोखा इस्तीफा लिखा, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. उनका कहना है कि पुलिस की नौकरी तो बढ़िया है, लेकिन अब वो देश से नफरत और सांप्रदायिकता को मिटाने के लिए ‘खाकी’ छोड़कर ‘खादी’ पहनेंगे और राजनीति में किस्मत आजमाएंगे.
‘वर्दी ने सम्मान दिया, पर अब राजनीति करनी है’
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पत्र के मुताबिक, हेड कांस्टेबल मोहम्मद जमशेद ने वर्तमान सामाजिक ताने-बाने को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है. उन्होंने लिखा, ‘जब से मैंने पुलिस सेवा ज्वाइन की है, तब से इस वर्दी ने मुझे बहुत सम्मान दिया. मैं अपनी पुलिस की नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट हूं. लेकिन, वर्तमान में देश के भीतर सांप्रदायिकता लगातार बढ़ती जा रही है. इसकी वजह से मेरे भारत और मेरे प्रदेश में इंसान एक-दूसरे का दुश्मन बनता जा रहा है.’
जमशेद ने आगे लिखा है कि वह इस नफरत और सांप्रदायिकता को कम करने के लिए, देश की सच्ची सेवा के लिए राजनीति में कदम रखना चाहते हैं. इसी मकसद से वो धर्मनिरपेक्षता, समानता और एकता का झंडा बुलंद करने के लिए अपनी पुलिस सेवा से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहे हैं. हालांकि न्यूज 18 इस लेटर की पुष्टि नहीं करता, फिलहाल सोशल मीडिया पर ये लेटर जमकर वायरल हो रहा है.
आला अधिकारी बोले- ‘हमें नहीं मिला कोई पत्र’
रिटायरमेंट के बाद नेताओं की फौज में शामिल होने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन इस तरह ड्यूटी के बीच में देश के माहौल का हवाला देकर इस्तीफा देने का यह पहला मामला माना जा रहा है. जमशेद का यह पत्र सीधे एसएसपी बरेली के नाम लिखा गया है. हालांकि, जब इस मामले में बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य से बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि अभी तक उनके पास ऐसा कोई इस्तीफा पत्र आधिकारिक तौर पर नहीं पहुंचा है और न ही उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी है.
इस्तीफा सिर्फ वायरल किया गया या भेजा भी?
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला का बयान सामने आया. उन्होंने इस मामले की हकीकत बताते हुए कहा कि सिपाही मोहम्मद जमशेद मूल रूप से फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनात थे, लेकिन वर्तमान में वह जीआरपी मुरादाबाद से अटैच चल रहे थे. उन्हें वापस बरेली भेज दिया गया था. हालांकि, एसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला के मुताबिक, सिपाही ने यह त्यागपत्र विभाग में किसी अधिकारी को आधिकारिक तौर पर भेजा ही नहीं था, बल्कि इसे सीधे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. चूंकि मामला अनुशासित पुलिस बल से जुड़ा है, इसलिए आगे की कार्रवाई के लिए इस पत्र को एसएसपी बरेली को फॉरवर्ड कर दिया गया है.’
बरेली में हेड कांस्टेबल का इस्तीफा पत्र वायरल
थाने से हो चुके हैं कार्यमुक्त, अब क्या करेगा विभाग?
पुलिस प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल जमशेद को उनके पुराने थाने से पहले ही कार्यमुक्त किया जा चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक पुलिस लाइन में अपनी ज्वाइनिंग दर्ज नहीं कराई है. अब सवाल यह उठता है कि एक अनुशासित सुरक्षा बल में रहते हुए, इस तरह बिना आधिकारिक प्रक्रिया के सीधे सोशल मीडिया पर राजनीतिक एजेंडे के साथ इस्तीफा वायरल करने पर विभाग क्या एक्शन लेगा? फिलहाल, सोशल मीडिया पर इस लेटर को लेकर जनता तरह-तरह के कमेंट्स कर रही है और हर किसी की नजर अब पुलिस विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है.