अमरूद की क्वालिटी और दाम दोनों बढ़ाएगा ये तरीका! बरसात से पहले किसान जरूर कर लें उपाय

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अमरूद की क्वालिटी और दाम दोनों बढ़ाएगा ये तरीका! बरसात से पहले किसान जरूर कर लें उपाय


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अमरूद की क्वालिटी और दाम दोनों बढ़ाएगा ये तरीका! बरसात से पहले कर लें उपाय

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Amrood Fruit Care Tips: बरसात का मौसम शुरू होते ही अमरूद के बागवानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती फलों को कीड़ों से बचाने की होती है. इस मौसम में अक्सर अमरूद के भीतर कीड़े पड़ जाते हैं, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता के अनुसार, अमरूद के फलों को कीड़ों से सुरक्षित रखने का सबसे सही समय तब होता है जब पौधों में फूल आ रहे हों. जानिए फूलों की स्थिति में ही कीटनाशक का छिड़काव क्यों जरूरी है और इस मौसम में बाग की देखभाल कैसे करें.

मऊ: बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और इस समय अमरूद के पौधों में फूलों के साथ-साथ छोटे-छोटे फल लगने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. लेकिन इस मौसम में अमरूद की बागवानी करने वाले किसानों की सबसे बड़ी चिंता फलों में कीड़े लगने की होती है. बरसात के दिनों में अमरूद के भीतर कीड़े बहुत तेजी से पनपते हैं, जिससे पूरा फल खराब हो जाता है. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. इस समस्या से बचने के लिए किसानों को अभी से कुछ बेहद जरूरी उपाय करने होंगे.

जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्ता ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि वर्तमान में अमरूद के पौधों में फूलों के साथ छोटे फल बनने की स्थिति है. इस समय सबसे जरूरी काम यह है कि फूलों पर ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर दिया जाए. ऐसा इसलिए है क्योंकि फ्रूट बोरर यानी फल छेदक कीड़े के अंडे इसी समय फूलों के भीतर होते हैं, जो बाद में फलों के अंदर जाकर लार्वा का रूप ले लेते हैं और कीड़ा बन जाते हैं. अगर फल लगने से पहले फूलों की स्थिति में ही छिड़काव कर दिया जाए, तो कीड़े शुरुआत में ही खत्म हो जाते हैं और फल सुरक्षित रहते हैं.

15 दिनों के अंतराल पर दो बार करें दवाओं का छिड़काव
उद्यान अधिकारी ने दवाओं के छिड़काव को लेकर बताया कि फूलों पर कीटनाशक का छिड़काव हमेशा शाम के वक्त ही करना चाहिए और भूलकर भी तेज दोपहर या तेज धूप में छिड़काव न करें, क्योंकि इस समय हो रही तेज धूप पौधों को सीधे नुकसान पहुंचा सकती है. इसके साथ ही पहला छिड़काव करने के बाद जब 15 दिनों के अंतराल पर हल्की बारिश शुरू हो, तब दूसरा छिड़काव कर देना चाहिए. इसके अलावा जिन खेतों या बागों में अमरूद के पौधे लगे हैं, वहां नीचे जमीन पर साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है ताकि कीड़े और फंगस न पनपें. बाजार में कई तरह के असरदार कीटनाशक उपलब्ध हैं, जिन्हें विशेषज्ञ की सलाह से इस्तेमाल किया जा सकता है.

फूलों को गिरने से बचाने के लिए उपाय
अमरूद की गुणवत्ता जितनी अच्छी होगी, बाजार में किसानों को उसका उतना ही बेहतर दाम मिलेगा. जिला उद्यान अधिकारी के मुताबिक, अगर किसान चाहते हैं कि अमरूद के फूल नीचे न गिरें और वे मजबूत फलों में बदलें, तो समय-समय पर बाग की हल्की सिंचाई करते रहें. इस मौसम में पौधों में सही नमी का होना बेहद जरूरी है.

यदि अमरूद का पौधा 4 से 5 साल पुराना हो चुका है और उसमें कीड़ों की समस्या ज्यादा दिख रही है, तो सबसे पहले पौधे के चारों तरफ बने थाले (जड़ के पास का हिस्सा) को अच्छे से साफ कर लें. इसके बाद किसी अच्छी कीटनाशक दवा का इस्तेमाल करें, ताकि कीड़ों का असर कम हो सके और आने वाली फसल पूरी तरह स्वस्थ और कीड़ामुक्त तैयार हो.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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