आंखों में आंसू लेकर दर्जनों छात्रा पहुंची डीएम ऑफिस, बोली मां जैसी है वार्डन
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यूपी के बांदा जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां तिंदवारी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने अपने दिल की पीड़ा जिला अधिकारी के सामने रखी और वार्डन मैम का ट्रांसफर रोकने की मा…और पढ़ें
यूपी के बांदा जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां तिंदवारी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने अपने दिल की पीड़ा जिला अधिकारी के सामने रखी और वार्डन मैम का ट्रांसफर रोकने की मांग की. दरअसल अभी हाल ही में प्रशासन ने तिंदवारी की वार्डन को जसपुरा विद्यालय में तैनात करने का आदेश जारी किया है. जैसे ही यह खबर छात्राओं तक पहुंची उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े,और सभी उदास हो गई.
आज सोमवार को सामूहिक रूप से छात्राएं बांदा के डीएम कार्यालय पहुंचीं और वार्डन मैम का ट्रांसफर न किए जाने की गुहार लगाई. बच्चियों ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी वार्डन मैम सिर्फ अध्यापिका नहीं बल्कि उनके लिए मां जैसी हैं,हम लोग को मा जैसे ध्यान रखती है.
मां जैसी है हमारी वार्डन
छात्रा महिमा,गुड़िया सहित अन्य का कहना है कि उन्होंने हमेशा उन्हें सुरक्षा, स्नेह और मार्गदर्शन दिया है. कई बच्चियां रोते हुए बोलीं हम अनाथालय जैसी दूरी महसूस नहीं करते, क्योंकि मैम हमारे साथ मां की तरह खड़ी रहती हैं. हमें उनकी जरूरत है. उनका कहना है कि जसपुरा कस्तूरबा विद्यालय में हाल ही में छात्राओं के उत्पीड़न की शिकायतें सामने आई थीं. वही वार्डन अब वहां भेजी जा रही हैं. तिंदवारी की बच्चियों का मानना है कि अगर मैम को वहां भेजा गया तो न केवल वे असुरक्षित महसूस करेंगी, बल्कि उन्हें मां जैसा प्यार देने वाली शख्सियत से भी दूर होना पड़ेगा.
छात्रा महिमा,गुड़िया सहित अन्य का कहना है कि उन्होंने हमेशा उन्हें सुरक्षा, स्नेह और मार्गदर्शन दिया है. कई बच्चियां रोते हुए बोलीं हम अनाथालय जैसी दूरी महसूस नहीं करते, क्योंकि मैम हमारे साथ मां की तरह खड़ी रहती हैं. हमें उनकी जरूरत है. उनका कहना है कि जसपुरा कस्तूरबा विद्यालय में हाल ही में छात्राओं के उत्पीड़न की शिकायतें सामने आई थीं. वही वार्डन अब वहां भेजी जा रही हैं. तिंदवारी की बच्चियों का मानना है कि अगर मैम को वहां भेजा गया तो न केवल वे असुरक्षित महसूस करेंगी, बल्कि उन्हें मां जैसा प्यार देने वाली शख्सियत से भी दूर होना पड़ेगा.
अगर नहीं रुक ट्रांसफर तो छोड़ देंगे स्कूल
आंख में आंसू लेकर डीएम के पास पहुंची एक दर्जन से ज्यादा छात्राओं ने मांग की है,की प्रशासन इस आदेश पर पुनर्विचार करे. बच्चियों ने यह तक कह दिया कि अगर वार्डन का ट्रांसफर नहीं रोका गया. वे विद्यालय छोड़कर घर से पढ़ाई करने के लिए मजबूर हो जाएंगी. अब देखना यह है कि प्रशासन इस विषय को गंभीरता से लेता है.
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