गर्मी में खाना-पीना छोड़ रहे दुधारू जानवर? इस ट्रिक से बढ़ जाएगी डाइट, बहाएंगे दूध की नदी
Last Updated:
Animal husbandry tips : भीषण गर्मी इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी घातक है. तापमान बढ़ने से पशुओं में दूध कम होने की समस्या बढ़ने लगती है. थोड़ी सी लापरवाही करते ही पशु खाना-पीना तक छोड़ देते हैं. पशु विशेषज्ञों का दावा है कि गर्मी के मौसम में भी दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, बशर्ते कुछ बातों का ध्यान रखा जाए. बलिया पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसडी द्विवेदी लोकल 18 से बताते हैं कि उनके उपाय से इस कठिन समय में भी पशु न सिर्फ स्वस्थ रहेगा बल्कि बाल्टी भर-भर दूध देगा.
बलिया. भीषण गर्मी में अक्सर पशुओं के दूध कम होने की समस्या बढ़ने लगती है. अगर पशुपालक लापरवाही करें, तो पशु खाना-पीना तक छोड़ देता है. इस दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चल रहा है, जिसमें पशुओं का खास ख्याल रहने की जरूरत है. अगर कुछ बातों पर फोकस किया जाए, तो पशु विशेषज्ञों का दावा है कि गर्मी के मौसम में भी दूध उत्पादन में कमी नहीं आएगी, बल्कि कमाई में बढ़ोतरी हो सकती है. इस उपाय से इस कठिन समय में भी पशु स्वस्थ और बाल्टी भर-भर के दूध देगा. इन दिनों भीषण गर्मी से इंसान के साथ पशु, जीव जंतु भी परेशान हैं. मौसम ने पशुपालकों की चिंता को बढ़ा दिया है. कई पशु दूध कम देने लगे हैं, जिससे डेयरी व्यवसाय पर असर पड़ रहा है. पशु चिकित्सकों के अनुसार, सही खान-पान और कुछ देसी उपाय अपनाकर दूध उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है.
जौ, मिश्री और सौंफ का ये नुस्खा
राजकीय पशु चिकित्सालय नगर बलिया के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (duty CVO) डॉ. एस.डी द्विवेदी के अनुसार, गर्मी में पशुओं को गुड़ का घोल पिलाना बेहद गुणकारी है. इससे पशुओं को ऊर्जा मिलती है और शरीर में गर्मी का असर कम होता है. सरसों के तेल और गेहूं के आटे का मिश्रण लगातार कुछ दिनों तक देने से भी दूध की मात्रा में सुधार देखा जा सकता है. जौ, मिश्री और सौंफ का मिश्रण भी पशु के पेट को ठंडा रखने में बहुत फायदेमंद है. पशुओं को संतुलित आहार जरूर देना चाहिए. गाय और भैंस को पशु आहार, दाल, अनाज और तेल मिश्रित दाना देना चाहिए. यदि पशु गर्भवती है, तो बच्चे के लिए अतिरिक्त पोषण भी देना जरूरी है. कैल्शियम और मल्टीविटामिन देने से दूध की गुणवत्ता में बढ़ोतरी होती है.
सबसे बड़ी राहत यही
डॉ. एसडी द्विवेदी बताते हैं कि गर्मी में पशुओं के लिए साफ और ताजा पानी सबसे बड़ा सहारा बनता है. पशुओं को दिन में कम से कम तीन से चार बार पानी जरूर पिलाएं. सुबह और शाम ठंडे पानी से नहलाने से पशु को बहुत राहत मिलती है. भैंसों के लिए तालाब या पानी में बैठना अधिक फायदेमंद है, क्योंकि भैंस को ज्यादा गर्मी लगती है. भीषण गर्मी में हरा चारा और ठंडा वातावरण दूध उत्पादन बढ़ाने में बहुत मदद करता है. टिन शेड के नीचे पानी का छिड़काव, पंखों और स्प्रिंकलर का उपयोग करें. सबसे आसान तरीका पशुओं के रहने वाले जगह पर पानी में भिगोकर जूट के बोरे लगाएं.