गांजा, कोकीन और अफीम, लखनऊ के कॉन्वेंट स्कूलों में नशे का धंधा, चार अरेस्ट
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Lucknow News: यूपी की राजधानी लखनऊ में के बड़े नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, यह गैंग शहर के नामी कॉन्वेंट स्कूलों के छात्रों को अपना निशाना बनाता था. पुलिस ने इस तस्करी गैंग के चार सदस्यों को चारबाग से गिरफ्तार किया है,पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में अफीम, कोकीन और गांजा बरामद किया है. यह गैंग पब्स और क्लब में भी ड्रग्स सप्लाई करता था.
Lucknow News: लखनऊ में ड्रग्स तस्करी गैंग के बड़े गिरोह का भंडाफोड़
लखनऊ. उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने लखनऊ में एक खतरनाक इंटरस्टेट ड्रग्स तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. चारबाग रेलवे स्टेशन के आसपास छापेमारी में चार आरोपियों को दबोचा गया, जिनके पास से कोकीन, गांजा और अफीम सहित लगभग 4 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए. यह गिरोह खासतौर पर लखनऊ के प्रतिष्ठित कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले किशोरों और नाइटलाइफ में सक्रिय युवाओं को निशाना बनाकर नशा बेच रहा था.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दिल्ली के राजकुमार उर्फ चिका और एक अन्य राजकुमार, लखनऊ निवासी सैयद दावर अल्वी, प्रभजीत सिंह तथा गोरखपुर के यश श्रीवास्तव उर्फ उत्तम शामिल हैं. एसटीएफ के अनुसार, राजकुमार उर्फ चिका और उनके साथी दिल्ली से मादक पदार्थ लेकर लखनऊ पहुंचे थे, जहां यश श्रीवास्तव और प्रभजीत सिंह को डिलीवरी करनी थी. बरामदगी में 17 ग्राम कोकीन, 2 किलोग्राम गांजा, डेढ़ किलोग्राम अफीम और 200 ग्राम ऑर्गेनिक गांजा शामिल है.
कान्वेंट स्कूलों में होती थी सप्लाई
जांच में सामने आया कि यश श्रीवास्तव और प्रभजीत सिंह मुख्य रूप से कोकीन को लखनऊ के नामी-गिरामी कॉन्वेंट स्कूलों के छात्रों तक पहुंचाते थे. वे कोकीन को छोटी-छोटी आधा ग्राम की पुड़ियों में पैक करके बेचते थे, ताकि बच्चों पर तुरंत कोई गंभीर नशे का असर न दिखे और लत लगने में आसानी हो. एक ग्राम कोकीन की कीमत 8 से 10 हजार रुपये तक रखी जाती थी. गिरोह के सदस्य पहले से तय ठिकानों पर विशिष्ट ड्रेस कोड में मिलते थे और ग्राहकों की विस्तृत लिस्ट तैयार रखते थे. डिमांड आने पर व्हाट्सएप या अन्य मैसेजिंग ऐप्स के जरिए सप्लाई की जाती थी. इसके अलावा, नाइट क्लबों, पब्स, बारों के बाउंसर, वेटर और कुछ हाई-एंड बिल्डिंगों के स्टाफ के माध्यम से भी मादक पदार्थ पहुंचाए जाते थे, क्योंकि इन जगहों पर आमतौर पर सख्त चेकिंग नहीं होती.
लंबे समय से सक्रिय था गिरोह
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में लेकर मोटी कमाई कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई स्रोतों और वितरण नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिले हैं. सभी आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें