जब पति की बीमारी देख डॉक्टरों ने खड़े कर दिए हाथ, पेड़-पौधों ने बचाई जान…फूलों को दे बैठी दिल

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जब पति की बीमारी देख डॉक्टरों ने खड़े कर दिए हाथ, पेड़-पौधों ने बचाई जान…फूलों को दे बैठी दिल


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Saharanpur News : अंजू के पति को गंभीर रोग जकड़ चुका था. बड़े से बड़े डॉक्टर को दिखाया. लाखों रुपए खर्च कर दिए लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. अंत में डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, लेकिन अंजू ने हार नहीं मानी.

सहारनपुर. आयुर्वेद सदियों से जीवन का हिस्सा रहा है. चिकित्सा के इस तरीके में कई पेड़-पौधे जादुई माने गए हैं. ये कहानी इन्हीं पेड़-पौधों को अपने जीवन का हिस्सा बना चुकी उस महिला की है जो अपने पति की बीमारी से परेशान होकर इनकी चौखट पर आई. डॉक्टर ने अंजू से अपने पति को घर पर रखकर सेवा करने के लिए बोल दिया था. सहारनपुर की अंजू ने इन्हीं पेड़-पौधों से काढ़ा बनाकर अपने पति को पिलाया और बीमारी से पति की जान बचा ली. अंजू बताती हैं कि उनके पति को सांस की बीमारी थी. बड़े से बड़े डॉक्टर को दिखाया. लाखों रुपए खर्च हो गए लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला.

18 तरह के गुलाब, 7 प्रकार के गुड़हल

जब सारे डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए तब एक मात्र सहारा आयुर्वेद बचा था. आयुर्वेद ने उनके पति को बचाया तो उन्होंने अपने बगीचे को इन पौधों से सजा दिया. आज इन्हीं पौधों का इस्तेमाल दिन-प्रतिदिन अपने खाने और पीने की चीजों में करती हैं. दूसरे लोगों को भी इन पौधों से तैयार नर्सरी फ्री बांटती हैं. लोकल 18 से बात करते हुए अंजू बताती हैं कि मेरे पास 7 तरह के गुड़हल, 16 तरह के गुलाब, गंदराज, मोगरा, चमेली, चंपा सब है. गुड़हल लाल, पीला, सफेद, गुलाबी, पीला-गुलाबी मौजूद है. अंजू के अनुसार, फूल देखने में अच्छे लगते हैं, दूसरा इनका इस्तेमाल पूजा-पाठ में भी होता है. गुड़हल के फूलों से चाय भी बनाई जा सकती है. अगर गुड़हल के फूलों को तेल में मिलाकर के सिर पर लगाया जाए तो बाल घने और काले हो जाते हैं.

कैसे आया आइडिया

अंजू कहती हैं कि मेरे पति की कुछ साल पहले तबीयत खराब हुई. उनको सांस की प्रॉब्लम थी. हर जगह डॉक्टर को दिखाया. पहले सभी डॉक्टरों ने दवाएं लिखीं लेकिन अंत में आकर पति को घर पर रखकर सेवा करने के लिए बोल दिया. लेकिन अंजू ने हार नहीं मानी. उन्होंने कहीं देखा था कि पेड़-पौधों से जड़ी बूटियां बनाकर व्यक्ति को स्वस्थ बनाया जा सकता है. उन्होंने भी यही किया. आज उनके पति पूरी तरीके से स्वस्थ हैं. अंजू को पेड़-पौधों का असली महत्त्व तब पता चला जब उनके पति बिल्कुल ठीक हो गए. अंजू आज इन्ही पेड़-पौधों पर जान लुटाती हैं. घर का पूरा बगीचा इन्हीं पेड़-पौधों से सजा रखा है. अंजू का दावा है कि अगर हर पेड़ का पत्ता आप पानी में उबालकर पियोगे तो वह आपके शरीर को कुछ न कुछ फायदा जरूर पहुंचाएगा.

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डॉक्टरों ने खड़े कर दिए हाथ, पेड़-पौधों ने बचाई जान…फूलों को ही दे बैठी दिल



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