जमीन भी गई और ₹1930000 भी साफ! LIC के बहाने लगा दिया चूना, खाते में बचे ₹1099
रिपोर्ट- DEEPAK SINGH
बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से धोखाधड़ी, जालसाजी और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को सख्ते में डाल दिया है. यहां कुछ दबंगों ने एक अनपढ़ और सीधे-साधे बुजुर्ग को अमीर बनाने और एलआईसी का फंसा हुआ पैसा दिलाने का ऐसा झांसा दिया कि बुजुर्ग अपनी ही जिंदगी भर की जमा-पूंजी से हाथ धो बैठा. भरोसे की आड़ में रची गई इस खौफनाक साजिश के तहत न केवल बुजुर्ग की कीमती जमीन का फर्जी बैनामा कराया गया, बल्कि उनके बैंक खाते को भी पूरी तरह से खाली कर दिया गया.
यह रूह कंपा देने वाला पूरा मामला बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिकंदरपुर गांव का है. पीड़ित बुजुर्ग रामकुशल के मुताबिक, गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों ने उनके अनपढ़ होने का फायदा उठाने की योजना बनाई. आरोपियों ने रामकुशल को विश्वास में लिया और कहा कि वे उनका एलआईसी का मोटा पैसा वापस दिलवा देंगे. इसी बहाने से शातिरों ने बैंक में बुजुर्ग का एक नया खाता खुलवाया. खेल यहीं से शुरू हुआ; आरोपियों ने बैंक अधिकारियों की आंख में धूल झोंककर उस खाते में रामकुशल की जगह अपना खुद का मोबाइल नंबर लिंक करवा दिया, ताकि खाते से होने वाले हर बड़े लेनदेन की भनक पीड़ित को कभी न लग सके.
नशीली चाय पिलाई और बेहोशी में करा लिया जमीन का बैनामा
पीड़ित रामकुशल ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया है. उनका कहना है कि एक दिन आरोपियों ने उन्हें कोई नशीला पदार्थ खिला दिया. जब वे पूरी तरह से सुध-बुध खो बैठे और बेहोशी की हालत में आ गए, तो आरोपी उन्हें चुपके से कचहरी ले गए. वहां सरकारी कागजातों पर अनपढ़ बुजुर्ग का जबरन अंगूठा लगवाकर उनकी कीमती पैतृक जमीन का फर्जी बैनामा (रजिस्ट्री) अपने नाम करा लिया. नशा उतरने के बाद भी काफी समय तक पीड़ित बुजुर्ग को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी जमीन अब उनकी नहीं रही.
खाते में बचे सिर्फ 1,099 रुपये
इसका पर्दाफाश तब हुआ, जब बीती 25 मई को कुछ लोग अचानक रामकुशल की जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए. अपनी ही जमीन पर अनजान लोगों को देखकर रामकुशल के होश उड़ गए. उन्हें गहरी साजिश का शक हुआ. वे तुरंत दौड़ते हुए बैंक पहुंचे. अपने खाते का पूरा विवरण निकलवाया. बैंक स्टेटमेंट देखते ही बुजुर्ग के पैरों तले जमीन खिसक गई. रिकॉर्ड में सामने आया कि फरवरी से मई 2026 के बीच एटीएम, यूपीआई और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर के जरिए उनके खाते से कुल 19 लाख 30 हजार रुपये की मोटी रकम साफ कर दी गई थी, जबकि खाते में महज 1,099 रुपये का मामूली बैलेंस बचा हुआ था.
श्रीकांत शर्मा, सुमित शुक्ला समेत कई के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस मामले में पीड़ित रामकुशल ने न्याय की गुहार लगाते हुए गांव के ही श्रीकांत शर्मा, सुमित कुमार शुक्ला और शारदा देवी समेत अन्य मददगारों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलवारी थाना पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर लिया है. सीओ (CO) सत्येंद्र भूषण तिवारी ने इस घटना पर आधिकारिक बाइट देते हुए बताया कि पीड़ित रामकुशल की तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस बैंक के वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिसके आधार पर जल्द ही सभी की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी.
बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र में बुजुर्ग रामकुशल के साथ क्या धोखाधड़ी हुई है?
कलवारी के सिकंदरपुर गांव में दबंगों ने एलआईसी का पैसा दिलाने के बहाने एक अनपढ़ बुजुर्ग रामकुशल का बैंक खाता खुलवाया, उसमें अपना नंबर लिंक किया, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर उनकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली और खाते से 19.30 लाख रुपये निकाल लिए.
फर्जीवाड़े और जमीन हड़पने की घटना का खुलासा कब और कैसे हुआ?
इस घटना का खुलासा 25 मई को तब हुआ जब आरोपी बुजुर्ग की जमीन पर कब्जा करने पहुंचे. शक होने पर जब पीड़ित ने बैंक स्टेटमेंट निकाला, तो पता चला कि उनके खाते से 19 लाख 30 हजार रुपये गायब हैं और सिर्फ 1,099 रुपये बचे हैं.
इस मामले में किन लोगों को नामजद किया गया है?
पीड़ित की शिकायत पर श्रीकांत शर्मा, सुमित कुमार शुक्ला और शारदा देवी सहित अन्य पर केस दर्ज हुआ है. सीओ सत्येंद्र भूषण तिवारी के मुताबिक, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है.