‘जूते मारकर सत्ता से बाहर करें’, तभी मायावती ने खींची थी आकाश आनंद की लगाम
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Akash Anand in UP elections: उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए 10 अगस्त का दिन खास होने वाला है. खासकर लंबे समय से खुद को हाशिये पर ढकेल चुकी बहुजन समाज पार्टी के लिए यह बड़ा दिन होने वाला है. इस तारीख को बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद की रिलॉन्चिंग होने वाली है. करीब दो साल बाद आकाश आनंद मंच पर नजर आएंगे. लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान आक्रामक भाषण शैली के चलते तेजी से लोकप्रिय हो रहे आकाश आनंद को मायावती ने बीच चुनाव में पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था.
यूपी विधानसभा चुनाव में बीएसपी आकाश आनंद को रिलॉन्च कर रही है.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राजनीतिक मंच पर करीब दो साल तीन महीने बाद आकाश आनंद की वापसी होने जा रही है. इस बार आकाश आनंद फिर से बीएसपी के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर की हैसियत से चुनावी मंच पर लौट रहे हैं. उनकी रीलॉन्चिंग के लिए हाथरस जिले का सादाबाद विधानसभा क्षेत्र को चुना गया है. बीएसपी सुप्रीमो मायावती के आदेश पर आकाश आनंद 10 अगस्त को हाथरस में यूपी चुनाव 2027 के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे.
फिल्मी है आकाश आनंद की राजनीतिक पारी
आकाश आनंद बेहद आक्रामक अंदाज में बीजेपी, सपा और कांग्रेस तीनों पर हमला करते. उनकी जनसभाओं भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी. आकाश अपने भाषणों में विरोधियों को ललकारते नजर आते.
इसी दौरान 28 अप्रैल 2024 को आकाश आनंद ने सीतापुर की जनसभा में सीधे-सीधे योगी आदित्यनाथ की सरकार और बीजेपी को निशाने पर लिया. आकाश आनंद ने कहा था- ‘जो सरकार अपनी जनता को डराती है, युवाओं को बेरोजगार रखती है और पेपर लीक करवाती है, वह ‘आतंकवादी सरकार’ जैसी है।’ वह यहीं नहीं रुके, मंच से लोगों से कहा था कि ऐसी सरकार और उसके प्रतिनिधियों को ‘जूते मारकर’ सत्ता से बाहर कर देना चाहिए।
आकाश आनंद के इन आरोपों पर स्थानीय प्रशासन हरकत में आया और उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण और आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में धारा 153B, 188, 505(2) आदि के तहत केस दर्ज किया था। मुकदमा होते ही मायावती ने आकाश आनंद की लगाम खींच लीं.
मायावती ने उन्हें तुरंत प्रचार अभियान छोड़कर लौटने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि वह अभी राजनीतिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं. उनके बयानों से बहुजन समाज पार्टी (BSP) की छवि और अनुशासन पर असर पड़ रहा है। इस तरह जब आकाश आनंद बीएसपी में नई ऊर्जा का संचार करना ही शुरू किए थे तभी बीच मायावती ने उन्हें पार्टी के सभी प्रमुख पदों से हटा दिया. उनकी तमाम प्रस्तावित रैलियां रद्द कर दी गई. हालांकि लोकसभा चुनाव खत्म होने के कुछ समय बाद जून 2024 में मायावती ने उन्हें दोबारा पार्टी में जिम्मेदारी सौंप दी थी.
विधानसभा चुनाव में रिलॉन्च हो रहे आकाश आनंद
अब यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में मायावती एक बार फिर से आकाश आनंद को रिलॉन्च कर रही हैं. इस बार आकाश की पहली जनसभा 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद में है. वह यहां से बीएसपी के चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे. इस दौरान वह अविन शर्मा को बीएसपी के उम्मीदवार बनाने की घोषणा कर करेंगे. इसके बाद आकाश आनंद नोएडा के जेवर में 25 अगस्त को जनसभा को संबोधित करेंगे. वह यहां भी बीएसपी के उम्मीदवार की घोषणा कर सकते हैं.
बता दें कि बीएसपी के लिए 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव करो या मरो की हालत में है. 2022 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी के केवल एक विधायक जीते तो 2024 लोकसभा चुनाव में खाता तक नहीं खुला. ऊपर से वोटबैंक भी खिसकर कर करीब 12 फीसदी पर आ गया. ऐसे में अगर मायावती चाहती हैं कि बहुजन समाज पार्टी राजनीतिक रूप से ताकत के साथ जिंदा रहे तो इस चुनाव में प्रदर्शन सुधारना जरूरी हो गया है.
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि सीएम योगी आदित्यनाथ अब तक समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को ही निशाने पर लेते दिखते थे. लेकिन हाल ही में लंबे समय बाद सीएम योगी ने मायावती के कार्यकाल पर भी हमले करते दिखे थे.
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अभिषेक कुमार News18 की डिजिटल टीम में बतौर एसोसिएट एडिटर काम कर रहे हैं. वे यहां बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तसीगढ़, उत्तराखंड की राजनीति, क्राइम समेत तमाम समसामयिक मुद्दों पर लिखते …
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