जौनपुर के इस गांव में आ चुका है रामराज! आजादी से अब तक किसी पर नहीं दर्ज हुई FIR, जानें इस सौहार्द का सीक्रेट

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जौनपुर के इस गांव में आ चुका है रामराज! आजादी से अब तक किसी पर नहीं दर्ज हुई FIR, जानें इस सौहार्द का सीक्रेट


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Jaunpur News : जौनपुर के इस गांव में आजादी के बाद से एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. लेकिन ऐसा कैसे? क्या यहां कभी कोई झगड़ा हुआ ही नहीं या सचमुच का रामराज आ चुका है. ये रिपोर्ट आपको हैरान कर देगी. दूसरे लोग इनसे सीख सकते हैं.

जौनपुर. अपराध और विवादों से भरे इस दौर में जौनपुर जनपद का एक गांव ऐसा भी है, जहां आजादी के बाद से लेकर आज तक किसी व्यक्ति पर एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. धर्मापुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाला 3 हजार की आबादी वाला कादीपुर गांव आपसी भाईचारे और सौहार्द की मिसाल बन चुका है. ग्रामीणों का कहना है कि यहां छोटे-मोटे विवाद भी आपसी बातचीत और पंचायत में निपटा दिए जाते हैं, जिससे थाने और अदालत का सहारा लेने की नौबत ही नहीं आती. कादीपुर गांव के संजय अस्थाना गर्व से बताते हैं कि यहां पुलिस की जरूरत नहीं पड़ती. गांव में कभी झगड़े हुए भी हैं तो बुजुर्गों और पंचों की मध्यस्थता से मामले का समाधान कर दिया जाता है. किसी तरह का गंभीर अपराध नहीं हुआ है. ग्रामीणों का मानना है कि आपसी विश्वास और परंपरागत पंचायत व्यवस्था के कारण गांव अब तक अपराध से मुक्त रहा है.

कभी भेदभाव नहीं

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि यहां जाति, धर्म या आर्थिक स्तर के आधार पर कभी भेदभाव नहीं हुआ. त्योहारों से लेकर शादी-ब्याह तक हर अवसर पर लोग एक-दूसरे का साथ देते हैं. यही कारण है कि पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा अब भी कायम है और युवा भी इस रास्ते पर चलने को प्रेरित होते हैं. स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग भी इस गांव की तारीफ करते नहीं थकते. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कादीपुर जैसे गांव पूरे प्रदेश और देश के लिए आदर्श हैं. यहां कभी एफआईआर दर्ज न होना अपने आप में बड़ी बात है, जो यह दर्शाता है कि ग्रामीण कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने में कितने जागरूक हैं.

संस्कार और सहयोग

गांव में शिक्षित युवाओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें बचपन से ही बुजुर्गों की ओर से संस्कार और आपसी सहयोग की शिक्षा दी जाती है. यही कारण है कि युवा वर्ग भी आधुनिकता की दौड़ में शामिल होने के बावजूद अपनी परंपराओं और गांव की पहचान को बनाए रखने में आगे रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर देश के हर गांव और शहर में लोग आपसी समझ और भाईचारे से काम करें तो अदालतों और पुलिस-थानों का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है. उनका मानना है कि विवाद सुलझाने का सबसे अच्छा तरीका आपसी संवाद है, न कि लड़ाई-झगड़े और मुकदमेबाजी.

Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu… और पढ़ें

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जौनपुर के इस गांव में रामराज! आजादी से अब तक किसी पर नहीं दर्ज हुई FIR



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