धान की रोपाई से पहले अपनाएं एक्सपर्ट का यह खास फॉर्मूला, पैदावार होगी दोगुनी

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धान की रोपाई से पहले अपनाएं एक्सपर्ट का यह खास फॉर्मूला, पैदावार होगी दोगुनी


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धान की रोपाई से पहले अपनाएं एक्सपर्ट का यह खास फॉर्मूला, पैदावार होगी दोगुनी

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Paddy Nursery Preparation Tips: अगर आप भी धान की बंपर पैदावार चाहते हैं और फसल को बीमारियों से बचाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आई.के. कुशवाहा ने बताया है कि कैसे धान की नर्सरी से ही कई खतरनाक बीमारियां सीधे मुख्य खेत में पहुंच जाती हैं और पूरी फसल को बर्बाद कर देती हैं. जानिए नर्सरी से स्वस्थ पौधों को चुनने और उन्हें उखाड़ने का सही वैज्ञानिक तरीका, तना छेदक, सुंडी और जड़ गलन जैसी बीमारियों से फसल को सुरक्षित रखने के उपाय.

सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. यहां के किसान धान की कई तरह की वैरायटी लगाते हैं, जिसमें बासमती चावल की मांग सबसे ज्यादा होती है. जिले में अब धान लगाने का सीजन शुरू हो चुका है. लेकिन मुख्य खेत में धान की रोपाई करने से पहले इसकी पौध (नर्सरी) तैयार की जाती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि पौध तैयार करते समय और उसे उखाड़ते वक्त किसानों को कुछ बहुत जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. अगर इस समय लापरवाही बरती गई, तो नर्सरी की बीमारियां सीधे मुख्य खेत में चली जाती हैं, जिससे पूरी फसल खराब हो सकती है.

नर्सरी से मुख्य खेत में कैसे पहुंचती है बीमारी?
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आई.के. कुशवाहा ने बताया कि धान की खेती की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी उसकी नर्सरी होती है. अगर हमारी नर्सरी स्वस्थ है, तो खेत में लगाने के बाद पौधे अच्छे से बढ़ते हैं. अक्सर देखा जाता है कि तना छेदक, सुंडी, पत्ती लपेटक और निमैटोड जैसे हानिकारक कीड़े और बीमारियां जड़ के सहारे नर्सरी से सीधे मुख्य खेत में ट्रांसफर हो जाते हैं. अगर आप रोग ग्रसित या कमजोर पौधों को खेत में लगा देंगे, तो आगे चलकर फसल का उत्पादन बहुत कम हो जाएगा और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.

पौध उखाड़ने से पहले खेत में जरूर भरें पानी
डॉ. कुशवाहा के मुताबिक, किसानों को सबसे पहले नर्सरी से केवल स्वस्थ और मजबूत पौधों का ही चुनाव करना चाहिए. जब भी आप नर्सरी से पौध उखाड़ने जाएं, तो उससे पहले उस खेत में अच्छी तरह से पानी भर दें. पानी भरने से मिट्टी बिल्कुल मुलायम हो जाती है, जिससे पौध उखाड़ते समय उसकी जड़ें टूटती नहीं हैं. अगर बिना पानी दिए सूखी या कम नमी वाली मिट्टी से पौध उखाड़ी जाएगी, तो जड़ें डैमेज हो जाएंगी और खेत में लगाने के बाद पौधे सूखने लगेंगे.

अगर पौध बड़ी हो गई है, तो अपनाएं यह देसी ट्रिक
कई बार समय की कमी या किसी अन्य वजह से धान की पौध 25 दिन से ज्यादा की हो जाती है और उसकी लंबाई करीब डेढ़ फुट तक बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में पौधों के ऊपरी हिस्से पर कई तरह के छोटे-मोटे कीट अपना घर बना लेते हैं. इससे बचने के लिए एक्सपर्ट ने एक बहुत ही सरल उपाय बताया है. किसान भाई रोपाई करने से ठीक पहले बड़ी हो चुकी पौध का ऊपर का एक तिहाई हिस्सा हाथ से तोड़ दें या काट दें, और उसके बाद ही उसकी रोपाई करें. ऐसा करने से पत्तियों पर मौजूद कीड़े मुख्य खेत में नहीं जा पाते और फसल सुरक्षित रहती है. इन छोटी-छोटी सावधानियों को रखकर सहारनपुर के किसान अपनी लागत बचा सकते हैं और धान की बंपर पैदावार ले सकते हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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