पहाड़ों में बारिश… बनबसा बैराज बना पीलीभीत के लिए ‘काल’! बाढ़ के बीच ग्रामीणों ने छतों पर डाला डेरा
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Pilibhit News : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश ने पीलीभीत में हालात बिगाड़ दिए हैं. बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी गांवों के लिए आफत बन गया है. कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया, जिससे ग…और पढ़ें
दरअसल, उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों से निकलने वाली पहाड़ी नदियां भी शारदा नदी में आ कर मिलती हैं. गौरतलब है कि शारदा नदी पर पीलीभीत में प्रवेश करने से पहले दो बांध बने हुए हैं. पहला उत्तराखंड के टनकपुर व दूसरा बनबसा में है. इन दोनों बैराजों से नियंत्रित रूप से पानी रिलीज किया जाता है. लेकिन शारदा में मिलने वाली अन्य सहायक नदियों पर कोई भी बांध नहीं हैं. ऐसे में पहाड़ों पर बारिश के बाद सहायक नदियों के सहारे पानी शारदा में मिलता है, जिस वजह से शारदा विकराल रूप ले लेती है.
पीलीभीत ज़िले के पूरनपुर व कलीनगर तहसील के तमाम इलाक़े ऐसे हैं जो शारदा नदी के किनारे बसे हैं. अगर आंकड़ों की बात करें तो तक़रीबन 50 हज़ार से भी अधिक की आबादी इन 80 ग्राम पंचायतों में रहती है. वैसे तो शारदा नदी बीते कई दिनों से उफान पर थी मगर पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते बनबसा बैराज से लगातार शारदा में पानी रिलीज़ किया जा रहा है. वहीं शारदा की सहायक नदियां भी उफान पर हैं. ग़ौरतलब है कि ऐसे में शारदा ख़तरे के निशान के आस पास बह रही है.
बनबसा बैराज से छोड़ा गया 2 लाख क्यूसेक पानी
रविवार शाम और सोमवार तड़के बनबसा बैराज से शारदा नदी में रिलीज़ किया गया पानी अब आबादी वाले इलाकों में पहुंचने लगा है. चंदिया हजारा, शास्त्रीनगर, रामनगर, नौजलिया नं 2, बंदरभोज, बूंदी भूड़, नई बस्ती ,14 नंबर गांव आदि में बाढ़ का पानी पहुंच गया है. ऐसे में ग्रामीणों ने अपने घरों की छतों पर तिरपाल बांध कर वहां शरण लेनी शुरू कर दी है. वहीं ग्रामीण वीडियो के माध्यम से मदद की मांग कर रहे हैं. इधर सोमवार दोपहर तक़रीबन तीन बजे शारदा नदी में लगभग 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके देर शाम तक पीलीभीत में पहुंचने की आशंका है. वहीं पीलीभीत में भी लगातार हो रही बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं.
देवहा नदी का हाल
एक तरफ़ जहां शारदा नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर शहर के किनारे से बहने वाली देवहा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. देवहा नदी में भी लगातार पानी रिलीज़ किया जा रहा है. दोपहर 3 बजे देवह नदी में लगभग 40,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ग़ौरतलब है कि शहर में लगातार हो रही बारिश के चलते पहले ही जलभराव की स्थिति है. अगर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा तो शहर में भी बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल सकते हैं.