बाराबंकी में देसी खरबूजे की खेती बनी किसानों की नई कमाई का जरिया, लाखों का मुनाफा

0
बाराबंकी में देसी खरबूजे की खेती बनी किसानों की नई कमाई का जरिया, लाखों का मुनाफा


होमताजा खबरकृषि

बाराबंकी के किसानों का रुझान बदला, देसी खरबूजे की खेती से लाखों का मुनाफा

Last Updated:

बाराबंकी में किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर देसी खरबूजे जैसी नगदी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं. कम लागत और 70–75 दिनों में तैयार होने वाली इस फसल से किसानों को बेहतर मुनाफा मिल रहा है. 4 बीघे में खेती कर एक से डेढ़ लाख रुपये तक की कमाई संभव हो रही है.

बाराबंकी. ये जिला पहले केला, अफीम, और मेंथा की खेती के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां के किसान बदलते समय के साथ नई फसलों की ओर रुख कर रहे हैं. वर्तमान में खरबूजा और तरबूज जैसी मौसमी फसलें किसानों की पहली पसंद बनती जा रही हैं. इन फसलों की खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार हो जाती हैं और इनकी लागत भी बेहद कम होती है. खासकर देसी खरबूजे की बाजार में अच्छी मांग देखने को मिल रही है, जिससे किसानों को बेहतर कीमत मिल जाती है, जिससे इन नगदी फसलों से किसानों को अच्छी आमदनी तो होती ही है. बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है. यही कारण है किसान पारंपरिक खेती से हटकर अब वे अधिक लाभ देने वाली फसलों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं. वही खरबूजे की खेती कर किसान एक फसल पर लाखों रुपए मुनाफा कमा रहे हैं. जिले के इस किसान को देसी खरबूजे की खेती कर लागत के हिसाब से अच्छा मुनाफा हो रहा है, जिसके लिए वह कई सालों से देसी खरबूजे की खेती कर रहे हैं. जनपद बाराबंकी के फतहाबाद गांव के रहने वाले किसान अतुल कुमार ने पारंपरिक फसलों से हटकर फल और हरी सब्जियों की खेती की शुरुआत की. जिसमें उन्हें अच्छा फायदा देखने को मिला, आज वह करीब 4 बीघा में देसी खरबूजे की खेती कर एक फसल पर एक से डेढ़ लाख रुपये मुनाफा कमा रहे हैं.

एक बीघे में करीब 7 से 8 हजार लागत

किसान अतुल कुमार ने बताया हमारे पूरे गांव में देसी खरबूजे की खेती बड़े पैमाने पर होती थी और हमारे पिताजी भी इसकी खेती करते थे. वही खेती आज हम कर रहे हैं क्योंकि देसी खरबूजे की डिमांड अन्य खरबूजे की अपेक्षा अधिक रहती है. यह खाने में भी काफी स्वादिष्ट होता है और यह नुकसान भी नहीं करता इसलिए लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं. इसकी खेती करीब 4 बीघे में की है जिसमें लागत एक बीघे में करीब 7 से 8 हजार आती है. वही मुनाफे क़ी बात करें तो एक फसल पर एक से डेढ़ लाख रुपए तक हो जाता है. इसकी खेती हम मल्च विधि से करते  हैं इस तकनीक से करने से एक तो खरपतवार का जमाव कम रहता है और पानी की सिंचाई करने में भी आसानी होती है और फसल की पैदावार अच्छी होती है. इसकी खेती करना बहुत ही आसान है पहले खेत की गहरी जुताई की जाती हैं. उसके बाद खेत में मेड बनाकर उस पर मल्चिंग कर दी जाती है. फिर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर खरबूजे के बीज की बुआई की जाती है. फिर वही कुछ दिन बाद जब पौधा निकल आता है, तब इसकी सिंचाई की जाती है. इस विधि से इसमें पानी भी कम लगता है और पौधे की अच्छी ग्रोथ होने के साथ फल भी बड़ा और रसीला होता है. इसकी खेती मात्र 70 से 75 दिन में तैयार हो जाती है जिसे तोड़कर हम बाजारों में बिक्री कर सकते हैं.

About the Author

Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *