बीजेपी का डर या अपना दल में टूट की आशंका? अनुप्रिया पटेल ने काटे अपने पति आशीष के पर
Last Updated:
Union Minister Anupriya Patel News : अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने पार्टी में अहम बदलाव किया है. इस बदलाव का असर उनके पति और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल पर भी पड़ा है. अब पार्टी म…और पढ़ें
क्या टूट सकती है अनुप्रिया पटेल की पार्टी?
हाइलाइट्स
- अनुप्रिया पटेल की डैमेज कंट्रोल की रणनीति.
- नुप्रिया पटेल ने अपने पति आशीष पटेल का पद घटा दिया.
- बीजेपी को साधने का प्रयास
वैसे तो हर राजनीतिक पार्टी में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, लेकिन क्षेत्रीय पार्टियों में इस तरह का बदलाव सामान्य नहीं होता. सपा, बसपा, राजद, शिवसेना जैसी पार्टियां एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती हैं. इन पार्टियों में आमतौर पर पार्टी के अन्य नेताओं पर कार्रवाई होती है, लेकिन परिवार के लोगों को हमेशा अभयदान मिलता रहा है. हालांकि 2025 में कुछ अपवाद भी हैं. जैसे बसपा प्रमुख मायावती ने अपने ही भतीजे आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया था. वहीं लालू यादव ने तेज प्रताप यादव को राजद और परिवार से बेदखल कर दिया. अनुप्रिया पटेल के इस एक्शन के अब सियासी मतलब भी निकाले जा रहे हैं. राजनीतिक पंडितों के अनुसार अपना दल में इस बदलाव के बाद आशीष पटेल पहले जैसे प्रभावशाली नहीं रह जाएंगे. आइए जानते हैं अपना दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने ऐसा निर्णय क्यों लिया.
पार्टी संस्थापक सोनेलाल पटेल की जयंती से ठीक एक दिन पहले पार्टी के संस्थापक सदस्य ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह पटेल की अगुवाई में बागी कार्यकर्ताओं ने अपना मोर्चा नाम से नई पार्टी के गठन का ऐलान किया था. ब्रजेंद्र प्रताप सिंह पटेल का दावा था कि उनका मोर्चा ही असली अपना दल है और पार्टी के 9 विधायक उनके संपर्क में हैं जो भाजपा से बात होते ही साथ आ जाएंगे. राजनीति के जानकारों के अनुसार इस बगावत का मुख्य लक्ष्य आशीष पटेल ही थे. हालांकि अनुप्रिया पटेल ने ब्रजेंद्र प्रताप सिंह पटेल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. इस निर्णय से साफ हो गया है कि अपना दल के भीतर जारी अंतर्कलह और बढ़ती बगावत को शांत करने के लिए अनुप्रिया पटेल ने अब परिवार से ऊपर पार्टी का संदेश देने की रणनीति अपनाई है.
बीजेपी को साधने का प्रयास
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से आशीष पटेल ने बीजेपी के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया हुआ था. लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान आशीष पटेल ने बिना नाम लिए दावा किया कि बीजेपी के कुछ नेता उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपना दल (एस) जितना आगे बढ़ रहा है, उतना ही उनके खिलाफ षड्यंत्र हो रहा है. ऐसे में लगता है कि बीजेपी के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने के साथ ही पार्टी के नाराज नेताओं को साधने के लिए अनुप्रिया पटेल ने यह बड़ा एक्शन लिया है.
क्या टूट सकती है अनुप्रिया पटेल की पार्टी?
यह पहली बार नहीं है जब केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने ही लोगों का कद छोटा किया है. इससे पहले उन्होंने अपनी मां कृष्णा पटेल और बहन पल्लवी पटेल के साथ भी ऐसा ही किया था. बाद में दोनों ने अपना दल से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी. फिलहाल पल्लवी पटेल विधायक हैं. आशीष पटेल पर सबसे पहले पल्लवी पटेल ने ही आरोप लगाना शुरू किया था. आशीष पटेल को शक है कि पल्लवी पटेल को बीजेपी का गुप्त समर्थन प्राप्त है. ऐसे में अगर अपना दल (एस) टूटती है तो 9 विधायक पल्लवी पटेल के साथ भी जा सकते हैं.