महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री, 19 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी, IMD अलर्ट

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महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री, 19 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी, IMD अलर्ट


Today Weather Live: देश में मौसम का रुख एक बार फिर पूरी तरह बदल चुका है. केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत एंट्री कर ली है. यह एंट्री भले ही तय समय के आसपास हुई हो, लेकिन इसके असर ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला दिया है. एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर राहत की उम्मीद दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है.

IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और कई राज्यों को अपनी चपेट में लेगा. अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसका सीधा असर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा.

देशभर में मौसम का सिस्टम एक्टिव, तेज हवाओं और बारिश का खतरा

  • मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. यही वजह है कि मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर हो गया है. कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
  • अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक पहुंच सकता है. हवाओं की गति कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है.

दिल्ली-NCR में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर

दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. 7 जून को आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन आंधी और बारिश के चलते शाम तक राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है.

उत्तर प्रदेश में मौसम का बदलता रुख और आंधी-तूफान का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम अगले कुछ दिनों तक काफी सक्रिय रहने वाला है. पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी. 9 से 12 जून के बीच कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है. IMD ने राज्य के कई जिलों में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी है. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और मेरठ जैसे शहरों में मौसम अचानक बदल सकता है. गर्मी और उमस के बीच यह बारिश कुछ राहत भी दे सकती है, लेकिन बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.

बिहार में मौसम का मिजाज और बारिश की गतिविधियां

बिहार में 7 और 8 जून को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है. पटना, गया, दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर जैसे जिलों में तेज हवाएं चलने की संभावना है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में नुकसान की आशंका है. हालांकि बारिश के कारण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी.

झारखंड में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर

झारखंड में भी मौसम पूरी तरह बदल चुका है. रांची, धनबाद, बोकारो और दुमका जैसे जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

पश्चिम बंगाल में मौसम का असर और भारी बारिश की चेतावनी

पश्चिम बंगाल में भी मौसम ने रफ्तार पकड़ ली है. कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. हावड़ा, कोलकाता, नादिया और मुर्शिदाबाद जैसे क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है. 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

राजस्थान में मौसम का बदलाव और गर्मी से राहत की स्थिति

राजस्थान में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. कई जिलों में आंधी और बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है. हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 8 जून के बाद पश्चिमी राजस्थान में फिर से भीषण गर्मी और लू लौट सकती है.

मध्य प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव और तेज हवाएं

मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, विदिशा और खंडवा जैसे जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट है. यहां 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे कई इलाकों में मौसम अस्थिर बना रहेगा.

पंजाब-हरियाणा में मौसम का बदलाव और बारिश की संभावना

  • पंजाब और हरियाणा में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक काफी अस्थिर बना रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार दोनों राज्यों के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी-तूफान की स्थिति देखने को मिल सकती है. पटियाला, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में अचानक मौसम बदलने की संभावना जताई गई है. कई इलाकों में बादल घिरने के साथ ही तेज बारिश शुरू हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट भी दर्ज की जाएगी.
  • यहां 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियां और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है. खेतों में खड़ी फसलें, खासकर धान और सब्जियों की फसल, तेज हवा और बारिश से नुकसान की चपेट में आ सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को खुले इलाकों में सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.

उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में मौसम का पहाड़ी असर

  • पहाड़ी राज्यों में मौसम का मिजाज इस समय काफी चुनौतीपूर्ण और अस्थिर बना हुआ है. उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़ जैसे कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. लगातार बारिश के कारण कई संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन की आशंका भी बढ़ गई है, जिससे सड़क संपर्क बाधित होने का खतरा बना हुआ है.
  • हिमाचल प्रदेश में शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और सोलन जैसे क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां मौसम में अचानक बदलाव के कारण तापमान में स्पष्ट गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन पहाड़ी इलाकों में ठंडक बढ़ सकती है.
  • जम्मू-कश्मीर में भी मौसम का असर लगातार बना हुआ है. यहां कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सड़क मार्गों पर जोखिम बढ़ने की संभावना है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है, जहां भूस्खलन और अचानक पानी के बहाव का खतरा बना रहता है.

पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय

पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में लगातार बारिश का दौर जारी है. कई इलाकों में भारी बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं. नदी किनारे बसे क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है.

दक्षिण भारत में मौसम का बदलाव और बारिश का दौर

दक्षिण भारत में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है. केरल में कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तमिलनाडु में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना है.

क्या मानसून ने महाराष्ट्र में समय पर दस्तक दी है?

हां, IMD के अनुसार मानसून ने महाराष्ट्र में लगभग तय समय पर एंट्री की है, जिससे देशभर में मौसम प्रणाली सक्रिय हो गई है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा अलर्ट जारी किया गया है?

दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है.

हवा की अधिकतम रफ्तार कितनी हो सकती है?

कई राज्यों में हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे नुकसान की संभावना है.

क्या आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट होगी?

हां, बारिश और बादलों के कारण कई राज्यों में तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिलेगी.

क्या पहाड़ी राज्यों में खतरा ज्यादा है?

हां, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन और तेज बारिश के कारण स्थिति अधिक संवेदनशील हो सकती है.



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