महाशिवरात्रि से पहले नाथ नगरी में सात प्रमुख शिव मंदिरों के कॉरिडोर निर्माण में तेजी, जाने कब बनकर होगा तैयार
बरेली: बरेली को उसकी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान नाथ नगरी के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम, बरेली विकास प्राधिकरण, कैंटोनमेंट बोर्ड बरेली कैंट द्वारा लगातार योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य किए जा रहे हैं. इन प्रयासों का उद्देश्य शहर की प्राचीन धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करना है. ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और शहर की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो.
कॉरिडोर से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
नगर निगम दे रहा आकर्षक स्वरूप
नाथ मंदिरों को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए भी नगर निगम की ओर से निरंतर कार्य किया जा रहा है. मंदिर परिसरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन, प्रकाश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है. बरेली में स्थित नाथ मंदिरों को लेकर धार्मिक मान्यताएं हैं कि ये स्थल भगवान शिव से जुड़े हुए हैं.और यहां स्थापित शिवलिंग श्रद्धा और आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. इन मंदिरों के विकास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है.
धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को प्राथमिकता
वरिष्ठ इतिहासकार डॉ राजेश कुमार शर्मा बतातेह कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बरेली को “नाथ नगरी” घोषित किए जाने के बाद नगर निगम के विकास कार्यों में तेजी देखी जा रही है. इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख धार्मिक अवसरों पर मंदिरों, चौराहों और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों को फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया जाता है. इन कार्यों में नगर निगम, बरेली विकास प्राधिकरण, बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड बरेली के साथ स्थानीय धार्मिक संस्थाओं और समितियों का भी सहयोग रहता है.
डॉ शर्मा बताते हैं.नगर निगम का मानना है कि नाथ नगरी के रूप में बरेली के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इससे स्थानीय व्यापार, होटल और सेवा क्षेत्र को लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. कुल मिलाकर, ये विकास कार्य बरेली की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं.