मिनी बाईपास पर 16.72 करोड़ से बनेगा बरेली का तीसरा बस डिपो, आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
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मिनी बाईपास पर बन रहा यह नया बस अड्डा सैटेलाइट बस स्टेशन और पुराने रोडवेज के बाद बरेली का तीसरा और सबसे बड़ा डिपो होगा. लगभग 16 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट करीब 2.285 हेक्टेयर यानी लगभग 5.6 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है. इस आधुनिक बस अड्डे को हाई-टेक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है.यात्रियों के लिए वातानुकूलित और सामान्य प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, सीसीटीवी सुरक्षा, वाणिज्यिक दुकानें और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
बरेली: बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र स्थित मिनी बाईपास जहाँ उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा शहर के सबसे आधुनिक और बड़े बस अड्डों में से एक का निर्माण किया जा रहा है.आप देख सकते हैं.कि बस अड्डे की भव्य इमारत लगभग तैयार हो चुकी है और बरेली के लोगों को आईएसबीटी न्यू बस स्टेशन शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है.
दरअसल, वर्तमान में नॉवेल्टी चौराहे के पास स्थित पुराने रोडवेज बस अड्डे पर हर दिन भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है. दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, देहरादून और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों के लिए जाने वाले हजारों यात्री इसी मार्ग का उपयोग करते हैं. ऐसे में नया बस अड्डा शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
बरेली का होगा तीसरा बस डिपो
आपको बता दें कि मिनी बाईपास पर बन रहा यह नया बस अड्डा सैटेलाइट बस स्टेशन और पुराने रोडवेज के बाद बरेली का तीसरा और सबसे बड़ा डिपो होगा. लगभग 16 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट करीब 2.285 हेक्टेयर यानी लगभग 5.6 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है. इस आधुनिक बस अड्डे को हाई-टेक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है.यात्रियों के लिए वातानुकूलित और सामान्य प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल व्यवस्था, सीसीटीवी सुरक्षा, वाणिज्यिक दुकानें और फूड स्टॉल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इसके अलावा भविष्य को ध्यान में रखते हुए ई-बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन और विशेष टर्मिनल भी विकसित किए जा रहे हैं.
परिवहन विभाग की योजना है कि दिल्ली, हरिद्वार, देहरादून और हल्द्वानी रूट की बड़ी संख्या में बसों का संचालन इसी नए बस अड्डे से किया जाए. अनुमान है. कि इसके शुरू होने के बाद 450 से अधिक बसों का दबाव पुराने रोडवेज बस अड्डे से कम हो जाएगा, जिससे शहर के भीतर लगने वाले ट्रैफिक जाम में भी काफी राहत मिलेगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें