मुख्यमंत्री कन्या योजना में बड़ी भूल, 800 से ज्यादा बेटियों को नहीं मिला लाभ
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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जी हां जिला प्रोबेशन विभाग द्वारा चलाई जा रही है. इस मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जनपद में वर्ष 2025 तक कुल 41626 आवेदन हुए हैं. वहीं 8 हजार 853 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्…और पढ़ें
41 हजार से अधिक आवेदन सिर्फ 32 511 लोगों को ही मिला लाभ
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जी हां जिला प्रोबेशन विभाग द्वारा चलाई जा रही है. इस मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जनपद में वर्ष 2025 तक कुल 41626 आवेदन हुए हैं इस योजना के अंतर्गत मुख्यालय से भुगतान की बात करें तो 32 511 लाभार्थियों को इसका लाभ दिया गया है. वहीं 8 हजार 853 लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें ब्लाक कर्मचारियों की लापरवाही ने इस योजना से वंचित कर दिया.अब ऐसे में सवाल है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ जब लाभार्थी को नहीं मिलेगा तो कैसे योजना का सपना साकार.
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में 6 चरणों में कुल ₹25000 की धनराशि शासन स्तर से लाभार्थी को दी जाती है इसमें 1 वर्ष की आयु: 2,000 रुपये
पहली कक्षा में प्रवेश: 3,000 रुपये छठी कक्षा में प्रवेश: 2,000 रुपये
नौवीं कक्षा में प्रवेश: 3,000 रुपये 10 वीं या 12वीं कक्षा पास करने के बाद: 5,000 रुपये स्नातक या 2 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा में प्रवेश: 5,000 रुपये की धनराशि मिलाकर कुल 25 हजार का आर्थिक लाभ शामिल
अधिकारी ने दी सफाई .
वहीं पूरे मामले पर जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार मौर्य ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में लगातार आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी स्तर से और नगरीय और शहरी क्षेत्र में उप जिलाधिकारी यानी एसडीएम स्तर से आवेदन पत्रों का सत्यापन और जांच की जाती है. लेकिन इस जांच पत्र के दौरान 8853 लाभार्थियों के आवेदक को अस्वीकृत किया गया है. जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला. उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है इसके साथ ही जल्द ही ऐसे लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें योजना से लाभान्वित कराया जाएगा.
ये होती है वजह
योजना का लाभ न मिलने के पीछे कुछ लोगों की छोटी-छोटी गलतियां भी होती हैं जैसे समय पर आवेदन पत्र न जमा दूसरा कागजातों को सही तरीके से प्रदर्शित न करना इसके अलावा अन्य छोटी-छोटी कमियां भी योजना का लाभ न मिलने का कारण मानी जाती है