यूपी मौसम: 44.4°C के साथ बांदा सबसे गर्म, IMD ने जारी किया लू का अलर्ट
UP Ka Mausam Live: अप्रैल के महीने में ही उत्तर प्रदेश भट्टी (Uttar Pradesh Heatwave) की तरह तपने लगा है और सूरज की तपिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. सुबह की पहली किरण के साथ ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देती है, जिससे लोग घर से बाहर कदम रखने से भी कतराने लगे हैं. आलम यह है कि दोपहर होते-होते सड़कें सूनी हो रही हैं और बाजार वीरान नजर आने लगे हैं. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो उत्तर प्रदेश के आसमान में फिलहाल कोई सक्रिय वेदर सिस्टम नहीं है, जिसके चलते शुष्क पछुआ हवाएं बिना किसी रुकावट के मैदानी इलाकों को गर्म कर रही हैं. प्रयागराज और बांदा जैसे जिलों में पारा 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है.
उत्तर प्रदेश के मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बने एक एंटी-साइक्लोन सिस्टम को जिम्मेदार माना जा रहा है. यह सिस्टम अब धीरे-धीरे मध्य भारत की ओर खिसक रहा है, जिसकी वजह से गर्म हवाएं और भी ज्यादा मजबूत हो रही हैं और तापमान को लगातार ऊपर की ओर धकेल रही हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले 48 से 72 घंटे यूपी के लोगों के लिए और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, क्योंकि पारा 2 से 3 डिग्री और चढ़ने की संभावना है. पछुआ हवाएं अब कमजोर पड़ रही हैं, जिससे वातावरण में उमस और तपिश का कॉम्बो लोगों के पसीने छुड़ाने वाला है.
हालांकि, राहत की एक बारीक किरण 20 अप्रैल के बाद दिखाई दे सकती है, जब एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा. हालांकि इससे बारिश की उम्मीद तो नहीं है, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही और हवाओं के रुख में बदलाव से तापमान में हल्की गिरावट जरूर दर्ज की जा सकती है.
प्रयागराज और बुंदेलखंड में ‘आग’ जैसे हालात
यूपी में गर्मी का सबसे भयानक रूप बुंदेलखंड और प्रयागराज मंडल में देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों में प्रयागराज 43.0°C तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा. वहीं, बांदा में अधिकतम तापमान 44.4°C तक रिकॉर्ड किया गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोपहर की हवाएं अब ठंडक देने के बजाय शरीर को झुलसाने वाले गर्म थपेड़ों जैसी महसूस हो रही हैं. प्रयागराज, फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक अधिक दर्ज किया जा रहा है, जो हीटवेव की ओर इशारा कर रहा है.
अप्रैल में ही जून जैसी तपिश, बांदा-प्रयागराज में लू का तांडव, अगले 72 घंटे भारी (फोटो-AI)
गाजियाबाद, मेरठ और सहारनपुर का हाल
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी पारा तेजी से कुलांचे भर रहा है. गाजियाबाद और मेरठ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 40°C के पास पहुंच गया. आने वाले एक सप्ताह तक यहां आसमान पूरी तरह साफ रहेगा, जिससे धूप की तीव्रता और बढ़ेगी.
- सहारनपुर में हल्की बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली है और यहां भी पारा 39-41°C के बीच बना हुआ है.
- बागपत, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) में भी शुष्क मौसम के कारण दिन के समय घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है.
बुंदेलखंड और पूर्वांचल: जहां आसमान से बरस रही है आग
- बुंदेलखंड का इलाका इस समय उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म क्षेत्र बना हुआ है. बांदा और झांसी में गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड खतरे में डाल दिए हैं. बांदा में 44.4 डिग्री तापमान के साथ लोग ‘लू’ के थपेड़ों से बेहाल हैं. वहीं पूर्वांचल की बात करें तो प्रयागराज मंडल में पिछले 24 घंटों में तापमान में 4 डिग्री तक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है.
- वाराणसी और गोरखपुर में भी पारा 42 डिग्री के पार जाने को बेताब है. मौसम विभाग का कहना है कि पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने से अगले 4-5 दिनों में स्थानीय स्तर पर गर्मी और बढ़ेगी, जिससे कुछ जिलों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के लैंडमार्क को भी छू सकता है.
राजधानी लखनऊ और मध्य यूपी में पसीने वाली गर्मी
लखनऊ और आसपास के जिलों जैसे उन्नाव, रायबरेली और कानपुर में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है. लखनऊ में शुक्रवार (17 अप्रैल) को अधिकतम तापमान 40-41°C के बीच रहने की संभावना है. पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने से यहां के तापमान में अगले 5 दिनों में 3 से 6 डिग्री तक का उछाल आ सकता है. कानपुर और बरेली में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां पारा 40°C के पार बना हुआ है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आर्द्रता का स्तर गिरने से हवा में सूखापन बढ़ गया है, जिससे त्वचा झुलसने जैसी महसूस हो रही है. आने वाले 7 दिनों तक राजधानी में बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जाएगा. स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों को भीषण धूप का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है. वहीं, इस बीच, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस भीषण गर्मी में पर्याप्त पानी पिएं और दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें.
फोटो-AI
क्या आने वाला है कोई बदलाव?
इतनी भीषण गर्मी के बीच एक हल्की सी राहत की खबर भी है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों में एक नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ सक्रिय हो सकता है. हालांकि, विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि इसकी वजह से बारिश होने की संभावना न के बराबर है, लेकिन इससे हवाओं के रुख में बदलाव जरूर आएगा. आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो सकती है, जिससे सूरज की सीधी किरणों का प्रभाव थोड़ा कम होगा. अगर यह सिस्टम प्रभावी रहता है, तो 20 अप्रैल के बाद तापमान में 1-2 डिग्री की मामूली गिरावट देखी जा सकती है, जिससे लू की तीव्रता में थोड़ी कमी आएगी. लेकिन तब तक, यूपी के लोगों को सावधानी बरतने और दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
उत्तर प्रदेश में इस समय सबसे गर्म जिला कौन सा है?
ताजा आंकड़ों के अनुसार, बुंदेलखंड का बांदा और प्रयागराज प्रदेश में सबसे गर्म जिले बने हुए हैं. बांदा में अधिकतम तापमान 44.4°C तक दर्ज किया गया है, जबकि प्रयागराज में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया है.
क्या अगले कुछ दिनों में यूपी में बारिश की कोई संभावना है?
फिलहाल अगले एक हफ्ते तक उत्तर प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है. हालांकि, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसकी वजह से आसमान में बादल छा सकते हैं और हवाओं का रुख बदल सकता है, लेकिन बारिश के आसार न के बराबर हैं.
लखनऊ और दिल्ली-NCR (गाजियाबाद-नोएडा) में 17 अप्रैल को कैसा रहेगा मौसम?
लखनऊ और गाजियाबाद-नोएडा सहित पूरे NCR में 17 अप्रैल को मौसम पूरी तरह शुष्क और गर्म रहेगा. लखनऊ में अधिकतम तापमान 40-41°C और गाजियाबाद में 39-40°C के आसपास रहने का अनुमान है. सुबह से ही तेज धूप खिलेगी और दोपहर में लू जैसे हालात रहेंगे.
यूपी में इतनी जल्दी भीषण गर्मी पड़ने का मुख्य कारण क्या है?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में कोई सक्रिय वेदर सिस्टम न होने के कारण शुष्क पछुआ हवाएं सीधे मैदानी इलाकों में आ रही हैं. साथ ही, मध्य भारत की ओर बढ़ रहा एक एंटी-साइक्लोन गर्म हवाओं को और मजबूत बना रहा है, जिससे तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री ऊपर चला गया है.
क्या आने वाले दिनों में गर्मी से कोई राहत मिलेगी?
अगले 48 से 72 घंटों तक गर्मी और बढ़ने के आसार हैं. 20 अप्रैल के बाद बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में 1 से 2 डिग्री की मामूली गिरावट हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी और लू का दौर अप्रैल के अंत तक जारी रहने की आशंका है.