लखनऊ में ‘आई लव’ होर्डिंग्स को लेकर सियासी जंग तेज, बुलडोज़र बनाम शिक्षा-रोजगार पर टकराव

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लखनऊ में ‘आई लव’ होर्डिंग्स को लेकर सियासी जंग तेज, बुलडोज़र बनाम शिक्षा-रोजगार पर टकराव


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Political War in Lucknow: लखनऊ में ‘आई लव’ होर्डिंग्स पर सियासी जंग तेज हो गई है. भाजपा ने ‘आई लव बुलडोज़र’ और ‘आई लव योगी आदित्यनाथ’ के पोस्टर लगाए, जबकि सपा ने ‘आई लव शिक्षा-रोजगार-विकास’ और ‘आई लव अखिलेश यादव’ के होर्डिंग्स से जवाब दिया है.

लखनऊ में ‘आई लव’ होर्डिंग्स को लेकर सियासी जंग, बुलडोज़र बनाम शिक्षा-रोजगार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों ‘आई लव’ होर्डिंग्स को लेकर सियासत गरमा गई है. ‘आई लव मोहम्मद’ से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है. एक तरफ भाजपा नेताओं ने ‘आई लव बुलडोज़र’ और ‘आई लव योगी आदित्यनाथ’ के पोस्टर लगवाए, तो वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी की ओर से इसका जवाब ‘आई लव शिक्षा-रोजगार-विकास’ और ‘आई लव अखिलेश यादव’ जैसे होर्डिंग्स से दिया गया है.

सपा का पलटवार

सपा लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव विवेक यादव ने भाजपा के होर्डिंग का जवाब देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी असल मुद्दों शिक्षा, रोजगार और विकास—की राजनीति चाहती है. इसलिए, हमने बुलडोज़र की जगह इन तीनों शब्दों को जगह दी है. उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सिर्फ प्रोपेगेंडा की राजनीति कर रही है, जबकि जनता को असली मुद्दों पर जवाब चाहिए.

बीजेपी का पक्ष

वहीं, भाजपा नेता अमित त्रिपाठी ने राजधानी की कई सड़कों जैसे वीवीआईपी चौराहा, समता मूलक चौराहा और जानकीपुरम में ‘आई लव योगी आदित्यनाथ’ और ‘आई लव बुलडोज़र’ के पोस्टर लगाए. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोज़र एक्शन के जरिए प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत की है और माफिया राज पर रोक लगाई है. यही कारण है कि हमने अपने प्रेम को इन होर्डिंग्स के माध्यम से जताया है.

बढ़ता राजनीतिक तापमान

‘आई लव’ पोस्टरों की यह जंग अब राजधानी की राजनीति का नया मुद्दा बन गई है. भाजपा बुलडोज़र के ज़रिए अपनी ताक़त और कानून-व्यवस्था को दिखा रही है, तो सपा शिक्षा और रोजगार को असली बहस का मुद्दा बताकर युवाओं को साधने की कोशिश में है.

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