शीशम, सागौन क्या लेंगे टक्कर…4 महीने में तैयार, 10 साल तक कमाई, इसका एक-एक पौधा नोट छापने की मशीन
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Rose farming tips : किसानों के लिए पैसा कमाने का ये जबरदस्त जरिया है. जिसके पास भी थोड़ा सा दिमाग होगा, इसे हाथोंहाथ अपनाएगा. सहारनपुर के किसान इस काम में आगे हैं. कोई मौका छोड़ते नहीं.
सहारनपुर. प्रगतिशील किसानों के लिए खेती हमेशा से फायदे का सौदा रही है. सहारनपुर के किसान इसमें आगे हैं. वे अपनी आय को बढ़ाने के लिए सिर्फ पारंपारिक खेती पर निर्भर नहीं. सहारनपुर का एक युवा किसान इन्हीं कृषकों में से एक है, जो अपनी पढ़ाई के साथ-साथ फूलों की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहा है. विक्की कुमार सैनी गांव कादरपुर के रहने वाले हैं. वे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ गुलाब की सुपर वैरायटी की खेती कर रहे हैं. गुलाब की खेती एक बार लगाने के बाद अगले 10 साल तक पैसा कमाने का जबरदस्त साधन है. विक्की को देखकर गांव के दूसरे किसान भी अब गुलाब की खेती करने लगे हैं.
इस महीने में ग्राफ्टिंग
किसान विक्की कुमार सैनी लोकल 18 से कहते हैं कि उन्होंने दो बीघा जमीन में गुलाब की सुपर वैरायटी लगाई है. देसी गुलाब की तुड़ाई सुबह के समय ही होती है, जबकि इस वैरायटी के फूलों को तोड़ने की कोई टाइमिंग नहीं है. आप इसे किसी भी समय तोड़ सकते हो. पौधा लगाने के 4 महीने बाद यह पैदावार देना शुरू कर देता है. जबकि एक बार लगाने पर यह 10 साल से लेकर 12 साल तक चलता है. बस आपको इसकी अच्छी तरह से देखभाल और पोषक तत्वों की समय-समय पर पूर्ति करते रहना है. हर साल अक्टूबर या फरवरी महीने में सभी पौधों की ग्राफ्टिंग की जाती है, जिसके 3 महीने बाद दोबारा से फूल देना शुरू कर देता है.
इन रोगों का ज्यादा खतरा
इसे रोगों से बचाना पड़ता है. इसमें सबसे ज्यादा थ्रिप्स और फंगस की समस्या आती है. थ्रिप्स में पौधे की पत्तियां ऊपर की ओर मुड़ने लगती हैं और उत्पादन प्रभावित होता है. फूल का आकार छोटा होने लगता है. किसान विक्की कहते हैं कि गुलाब की खेती करने के तैयारी जरूरी है. शुरुआत में गोबर की खाद का इस्तेमाल जरूर करें. गुलाब की खेती में जितनी गोबर की खाद इस्तेमाल होगी, उतना ही इसका उत्पादन बढ़ेगा. दाम की बात करें तो इसका फूल 100 रुपये किलो तक आसानी से बिक जाता है. गुलाब की सुपर वैरायटी को शो पीस के नाम से भी जाना जाता है. इसमें खुशबू कम होती है, जबकि इसकी लाइफ ज्यादा होती है.