संत प्रेमानंद ने बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘घर टूटे तो…’, सुन खुश हो जाएँगे वृंदावनवासी
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Mathura Latest News: संत प्रेमानंद महाराज को आज की तारीख में कौन नहीं जानता. महाराज के दर्शन करने दूर-दूर से भक्त आते हैं. ऐसे में प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें महाराज ने ब…और पढ़ें
प्रेमानंद महाराज का वायरल वीडियो
हाइलाइट्स
- प्रेमानंद महाराज ने बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर कही ऐसी बात
- प्रेमानंद महाराज के पास भक्त पहुंचे लेकर मुराद
- वृंदावन बांके बिहारी कॉरिडोर बना चर्चा का विषय
मथुरा: वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर चारो तरफ चर्चा का विषय बन गया है. कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि अगर बांके बिहारी कॉरिडोर बना, तो वहां के निवासी कहां जाएंगे. इस बीच बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर प्रेमानंद महाराज का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इन वीडियो में दो भक्त महाराज से मिलने पहुंचे भक्त ने जब प्रेमानंद महाराज को बताया कि कॉरिडोर बनने के लिए कई घर टूट जाएंगे. अब इस बात को लेकर प्रेमानंद महाराज ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बोला कि अगर घर टूटे तो सब कहां जाएंगे. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
इस बात पर महाराज ने अनोखा जवाब दिया, उन्होंने कहा कि, ‘ सरकार के सामने तो कुछ नहीं कह सकते, लेकिन अब कहां जाएं? मान लो अभी घर तोड़ दिया जाए तो हम लोग कहां जाएंगे. हम वृंदावन वासी हैं. हम हृदय से इस बात का अनुमोदन करते हैं. मान लो आपकी जगह हम होंगे तो कहां जाएंगे, हमारा नियम वृंदावन वास करना है, हमारी निष्ठा वृंदावन वास करना है, हमारे प्राण ठाकुर हैं.’ वहीं इस बात को लेकर अब भक्तों ने महाराज से प्रार्थना की है कि वे राधा रानी से कहें कि सब ठीक कर दें.
जल्द शुरू होगा कॉरिडोर का निर्माण
बता दें, वृंदावन बांके बिहारी कॉरिडोर का निर्माण जल्द ही शुरू हो जाएगा. उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने पिछले कई माह की मेहनत के बाद वृंदावन के विकास की योजना तैयार की है. यह कॉरिडोर करीब 5 एकड़ जमीन में बनेगा. इसे बनने में लगभग 3 साल का समय लग जाएगा. योगी सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत मंदिर के रास्तों को चौड़ा किया जाएगा. मंदिर में एंट्री के लिए 3 गेट बनाए जाएंगे. खास बात यह है इसमें कि करीब 30 हजार वर्ग मीटर में पार्किंग बनाई जाएगी. इससे न केवल कॉरिडोर के आसपास परिक्रमा मार्ग और यमुना के प्राचीन घाटों का पौराणिक स्वरूप देखने को मिलेगा, बल्कि वन-उपवन सहित अनेक जन सुविधाओं का भी विकास होगा.