सावन में शिवलिंग पर क्यों चढ़ाते हैं भांग-धतूरा-बेलपत्र? जानिए इसका रहस्य और लाभ
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Sawan 2025: सावन में शिव भक्त व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध और गंगाजल चढ़ाते हैं. पंडित प्रदीप शर्मा के अनुसार, इन वस्तुओं का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है.
रामपुर के पंडित प्रदीप शर्मा बताते हैं कि इन चीजों का शिवलिंग पर चढ़ाया जाना कोई संयोग नहीं है, बल्कि हर एक वस्तु का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक कारण है. बेलपत्र को शिवजी का सबसे प्रिय पत्र माना गया है. शास्त्रों के अनुसार बेलपत्र चढ़ाने से मन को शांति मिलती है और जीवन में चल रहे कष्टों का नाश होता है. बेल का पेड़ भी पवित्र माना जाता है और इसके पत्ते त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश के प्रतीक माने जाते हैं. शिव की तपस्वी और वैराग्यपूर्ण जीवनशैली में भांग और धतूरा का विशेष स्थान है. यह दोनों चीजें आमतौर पर जहरीली या नशे वाली मानी जाती हैं, लेकिन शिव इन्हें स्वीकार करते हैं.
पंडित जी कहते हैं कि सावन वो महीना है, जब शिवजी ने समुद्र मंथन के समय विषपान किया था. उस समय उनकी तपन को शांत करने के लिए देवताओं ने इन चीजों से अभिषेक किया था. तभी से यह परंपरा चल पड़ी. सावन में इन चीजों का चढ़ाना शिव के प्रति हमारी आस्था और श्रद्धा का प्रतीक है. मान्यता है कि जो भक्त पूरी श्रद्धा से इन चीजों से भगवान शिव का पूजन करता है. उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. खासतौर पर सावन में सोमवार का व्रत रखने और शिवलिंग पर बेलपत्र, दूध, भांग, धतूरा, जल चढ़ाने से जीवन में सुख-शांति और सफलता मिलती है.