सिर्फ फर्जी थाना ही नहीं बनाया, खुद बन बैठे CO, SHO और दारोगा… मेरठ में ठगी
Last Updated:
Meerut News: यूपी के मेरठ जिले में एक फर्जी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो अवैध पुलिस चौकी चलाते थे और लोगों को डरा-धमकाकर उनसे अवैध वसूली करते थे. आरोप है कि गिरोह के सदस्य कभी खुद को सीओ (CO), कभी थाना प्रभारी (SHO) तो कभी दरोगा बताकर लोगों पर रौब जमाते थे.
मेरठ फर्जी पुलिस स्टेशन का पर्दाफाश
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने अवैध पुलिस चौकी चला रहे एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. आरोपियों से सिर्फ पुलिस चौकी ही नहीं बनाई थी, बल्कि खुद को CO, SHO और दरोगा भी बताते थे. बता दें कि पूरा मामला मेरठ जिले के टीपी नगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस के नाम पर अवैध चौकी चलाकर लोगों से अवैध वसूली और ब्लैकमेलिंग किया जा रहा था. इस गिरोह का सनसनीखेज खुलासा अब पुलिस ने कर दिया है. इस मामले ने पुलिस व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
आरोप है कि गिरोह के सदस्य खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को डराते-धमकाते थे और अवैध वसूली करते थे. मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने छापेमारी कर कई आरोपियों को हिरासत में लिया है. इसके साथ ही आरोप है कि गिरोह के सदस्य कभी खुद को सीओ (CO), कभी थाना प्रभारी (SHO) तो कभी दरोगा बताकर लोगों पर रौब जमाते थे. इसी आड़ में वे लोगों को पहले डराते थे और फिर उनसे रंगदारी और अवैध वसूली करते थे.
युवक से वसूले 10 हजार रुपए
जानकारी के अनुसार, गिरोह पर हनी ट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने का भी आरोप है. पुलिस को मिली शिकायत में बताया गया कि एक युवक को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखा गया और उसे छोड़ने के बदले उससे 10 हजार रुपये वसूल लिए गए. इस घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा, जिसके आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू की.
शक के दायरे में पुलिस कर्मी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने कथित अवैध चौकी पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल हैं और अब तक कितने लोगों को इस गिरोह ने निशाना बनाया है. अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि अब पुलिस ने फजीहत के डर से अवैध पुलिस चौकी की बात से यूटर्न ले लिया है. पुलिस ने आरोपियों को प्रॉपर्टी डीलर बता दिया है. एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले का ने मामले को लेकर सारी जानकारी दी है और प्रेस वार्ता की बात कही है, जिसमें वे पूरे मामले की जानकारी देंगे.
About the Author

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
और पढ़ें