आखिर क्यों सपा सांसद रामजीलाल सुमन का मंदिरों में प्रवेश हुआ वर्जित….
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आगरा में सपा सांसद रामजीलाल सुमन के विवादित बयान पर हिंदू महासभा ने विरोध जताते हुए मंदिरों में उनके प्रवेश पर रोक लगा दी है. महासभा ने डीएनए टेस्ट की मांग की है.
रामजीलाल सुमन के विरोध में मंदिरों के बाहर लगे बैनर.
हाइलाइट्स
- सपा सांसद रामजीलाल सुमन के मंदिर प्रवेश पर रोक.
- विवादित बयान के बाद हिंदू महासभा का विरोध.
- हिंदू महासभा ने डीएनए टेस्ट की मांग की.
आगरा: समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के विवादित बयानों को लेकर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. अखिल भारत हिंदू महासभा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शहर के कई मंदिरों में बैनर लगाकर उनके प्रवेश पर रोक लगा दी है. हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने मंदिरों के बाहर नारेबाजी की और जगह-जगह बैनर लगाए, जिन पर रामजीलाल सुमन की तस्वीर पर लाल क्रॉस बनाकर साफ लिखा गया- “शहर के समस्त मठ-मंदिरों में रामजीलाल सुमन का प्रवेश वर्जित है.”
दरअसल, सांसद सुमन ने हाल ही में एक बयान में कहा था- “हर मस्जिद के नीचे एक मंदिर है, तो हमें यह भी कहना पड़ेगा कि हर मंदिर के नीचे एक बौद्ध मठ है. गड़े मुर्दे मत उखाड़ो, वरना भारी पड़ जाएगा.” इस बयान के बाद राणा सांगा और सपा कार्यालय से जुड़े अन्य बयानों को लेकर भी विरोध की लहर फैल गई है.
डीएनए टेस्ट की तैयारी में हिंदू महासभा
हिंदू महासभा ने इस मुद्दे को नया मोड़ देते हुए डीएनए टेस्ट कराने की घोषणा कर दी है. संगठन के कार्यकर्ता जिला अस्पताल जाकर अपना डीएनए टेस्ट करवाएंगे.
इस दौरान मंडल अध्यक्ष मनीष पंडित ने कहा- “हमें पूरा विश्वास है कि हमारा डीएनए राणा सांगा, वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप और भगवान परशुराम से मेल खाएगा.” उन्होंने बताया कि डीएनए जांच सरकारी गाइडलाइन के तहत होगी और इसका सारा खर्च संगठन खुद वहन करेगा.
सुमन और अखिलेश से भी की बड़ी मांग
हिंदू महासभा ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपील की है कि वे 19 अप्रैल को आगरा दौरे के दौरान रामजीलाल सुमन के साथ जिला अस्पताल में डीएनए टेस्ट कराएं. साथ ही यह भी मांग की गई है कि उनकी डीएनए रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि यह साफ हो सके कि उनका डीएनए किससे मेल खाता है.
इस घटनाक्रम से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक तूल पकड़ सकता है.