कभी सांप के काटने, कभी फांसी लगाने की कहानी, शुभी की ऑनर किलिंग, क्या था कसूर?

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कभी सांप के काटने, कभी फांसी लगाने की कहानी, शुभी की ऑनर किलिंग, क्या था कसूर?


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Hardoi Honour Killing: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ऑनर किलिंग का मामला प्रकाश में आया है, जहां बेटी के घर से बाहर निकलने पर उसके पिता और चाचा ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला. हत्या की वारदात के बाद परिवार के लोग शुभी की मौत की झूठी कहानी गढ़ते रहे. हालांकि शुभी की मम्मी ने पुलिस को पूरी कहानी बताई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया.

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हरदोई में ऑनर किलिंग.

हरदोईः उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला इलाके में रिश्तों ने ऐसा खूनी चेहरा दिखाया है, जिसने इंसानियत तक को शर्मिंदा कर दिया है. जिस बेटी को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, उसी को घर के भीतर बंद करके उसके मौत होने तक पीटा गया. वजह? बस इतनी कि वह रात में घर से बाहर चली गई थी. “इज्जत” के ठेकेदार बने पिता और चाचाओं ने पहले बेटी की सांसें छीनीं. फिर उसकी लाश पर झूठ की ऐसी चादर डाली कि सुनकर रूह कांप जाए. कभी सांप काटने की कहानी गढ़ी गई. कभी फांसी का सीन बनाया गया और आखिर में रात के अंधेरे में शव को जला कर समझ लिया कि सच भी राख हो जाएगा.

कमरे में पापा-चाचा तब तक पीटते रहे, जब तक मर नहीं गई
समदखेड़ा गांव की 19 वर्षीय शुभी की चीखें शायद उस घर की दीवारों में हमेशा कैद रहेंगी. आरोप है कि पिता रामदयाल, चाचा मुनेश, सुरेश और कल्लू ने उसे कमरे में घेर लिया और फिर “परिवार की इज्जत” के नाम पर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं. लड़की रहम की गुहार लगाती रही, लेकिन अपनों के भीतर बैठे कसाई उसे तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं. मौत के बाद शुरू हुआ असली ‘हॉरर शो’. पैरों में सुई चुभोकर सांप काटने का नाटक, गले पर निशान बनाकर आत्महत्या की पटकथा और फिर गांव के बाहर बाग में चुपचाप अंतिम संस्कार. मानो बेटी नहीं, कोई सबूत जला रहे हों.

मां ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को बताई पूरी कहानी
कहते हैं ना, मां की ममता बड़े-बड़े झूठों की चिता जला देती है. मां मिथिलेशा ने डर के आगे घुटने नहीं टेके और सीधे थाने पहुंचकर अपने ही पति और रिश्तेदारों की खूनी करतूत खोल दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर रामदयाल, मुनेश, सुरेश और माधुरी को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और आत्महत्या का रंग देने की बात भी सामने आई है. गांव में लोग दबी जुबान में कह रहे हैं, “अगर मां हिम्मत न करती, तो एक बेटी की हत्या को लोग किस्मत और सांप के खाते में डाल चुके होते.”

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Prashant RaiChief Sub Editor

Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें





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