गर्मियों के मौसम में पशुओं खिला दिया ये हरा चारा, तो दूध की नहीं होगी कमी
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में करीब 8 लाख किसान हैं. यहां युवा और किसान तेजी से पशुपालन की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा भी हो रहा है. हालांकि, सही जानकारी के अभाव में कई पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है. ऐसे में पशुओं की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है. गर्मी के कारण दूध उत्पादन में कमी आ सकती है. यदि पशुओं को संतुलित आहार और सही देखभाल नहीं दी जाए, तो इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है.
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा किसानों को लगातार अनुदान भी दिया जा रहा है, ताकि वे इस व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकें.
गर्मियों में पशुओं की देखभाल कैसे करें
गर्मी के मौसम में पशुओं को पर्याप्त मात्रा में ठंडा और स्वच्छ पानी पिलाना चाहिए, जिससे उन्हें लू से बचाया जा सके. दुधारू पशुओं के लिए हरा चारा बहुत फायदेमंद होता है.
इस समय गेहूं की कटाई के बाद भूसा तैयार हो जाता है. कई बार किसान ताजा भूसा सीधे पशुओं को खिला देते हैं, जिससे उनके पेट में समस्या हो सकती है और वे बीमार भी पड़ सकते हैं.
राजकीय पशु चिकित्सालय बिजुआ के डॉ. हेमंत सिंह के अनुसार, ताजा भूसा खिलाने से पहले उसे 2 से 3 घंटे तक पानी में भिगोना चाहिए. इसके बाद ही उसे पशुओं को खिलाना सुरक्षित रहता है.
गर्मियों में हरा चारा क्यों जरूरी
गर्मी के मौसम में पशुओं को ज्वार, बाजरा, मक्का और नेपियर घास जैसे हरे चारे खिलाने चाहिए. ये चारे प्रोटीन और पानी से भरपूर होते हैं, जो पशुओं को ठंडक प्रदान करते हैं और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं.
वहीं, प्रशासन भी किसानों को नेपियर घास की खेती के लिए लगातार जागरूक कर रहा है, ताकि पशुओं को पोषक आहार मिल सके और किसानों की आय में वृद्धि हो.