गाजीपुर मेडिकल कॉलेज देगा टीबी मरीजों को मुफ्त पोषण और दवाएं
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Ghazipur News: कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि यह पहल सिर्फ मेडिकल नहीं, एक संवेदनात्मक अभियान है. जिन मरीजों को हमने गोद लिया है. उन्हें हर महीने एक पोषण पोटली दी जाएगी. इसकी लागत बहुत मात्र ₹50…और पढ़ें
यह पहल डॉक्टर्स डे पर शुरू तो हुई थी. लेकिन अब इसे एक लंबे जन-स्वास्थ्य अभियान में बदल दिया गया है. हर महीने मरीजों को ‘प्रोटीन-पोषण पोटली’ दी जाएगी. जिसमें चना, गुड़, सोयाबीन, मूंगफली, दाल और सत्तू जैसे पोषक तत्व होंगे. साथ ही इसमें विटामिन-मिनरल सप्लिमेंट्स भी दिए जाएंगे.
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आनंद मिश्रा ने बताया कि यह पहल सिर्फ मेडिकल नहीं, एक संवेदनात्मक अभियान है. जिन मरीजों को हमने गोद लिया है. उन्हें हर महीने एक पोषण पोटली दी जाएगी. इसकी लागत बहुत मात्र ₹500 है. इसका असर बड़ा होगा. उन्होंने कहा।डॉ. मिश्रा के अनुसार, यह राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का ही एक हिस्सा है. जिसका उद्देश्य टीबी के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ना है. गाज़ीपुर में टीबी के आंकड़े चिंताजनक हैं. लेकिन अब मेडिकल कॉलेज ने इसे चुनौती की तरह लिया है.
गाजीपुर में क्यों जरूरी हो गया है ये मॉडल
पिछले कुछ वर्षों में गाजीपुर में टीबी के केसों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लेकिन इलाज में सबसे बड़ी चुनौती है—दवाओं के साथ मरीजों को जरूरी पोषण देना, जो कि अधिकतर लोग अफोर्ड नहीं कर पाते. इसलिए कॉलेज का यह मॉडल न सिर्फ मरीजों को स्वस्थ करेगा, बल्कि यह दूसरे जिलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है.गाज़ीपुर जिले में क्षय रोग (टीबी) एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर रहा है. जनवरी 2024 से अब तक जिले में 4000 टीबी मरीज दर्ज किए जा चुके हैं. जो जिले में संक्रमण के गहराते खतरे की ओर इशारा करते हैं. यह अभियान स्लम बस्तियों, सब्ज़ी मंडियों, वृद्धाश्रमों, बाल सुधार गृहों, मदरसों, स्कूलों और जिला जेल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में चलाया गया.