चुनाव से पहले क्यों बढ़ जाती है, मां विंध्यवासिनी धाम में नेताओं की आस्था

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चुनाव से पहले क्यों बढ़ जाती है, मां विंध्यवासिनी धाम में नेताओं की आस्था


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Maa Vindhyavasini Mandir : विंध्यक्षेत्र के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि विन्ध्यक्षेत्रे समं क्षेत्रं नास्ति ब्रह्माण्डगोलके. इस ब्रह्मांड में दूसरा स्थान भगवती के जैसा नहीं है. भगवती का मंदिर तो छोड़िए. विंध्य क्षेत्र और विंध्य क्षेत्र के वासी जैसा लोग और विंध्य क्षेत्र दूसरा स्थान नहीं है. ​यहाँ पर बहुत सी साधनाओं की सिद्धि के लिए

मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित मां विंध्यवासिनी धाम को आदिशक्ति धाम कहा जाता है. मां विंध्यवासिनी धाम में देश और दुनिया से दर्शन करने के लिए भक्त पहुंचते हैं. मां विंध्यवासिनी धाम को कामनाओं की पूर्ति वाला स्थल कहा जाता है. यही वजह है की मां के धाम में राजनेता से लेकर अभिनेता तक दर्शन पूजन के लिए पहुंचते हैं. मां विंध्यवासिनी धाम में प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक दर्शन कर चुके हैं. अलग-अलग राजनेता मां के ध्यान में दर्शन पूजन के लिए आते हैं और कामनाओं की पूर्ति को लेकर मां प्रार्थना करते हैं.

विंध्यक्षेत्र के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने लोकल 18 से बताया कि विन्ध्य क्षेत्रे समं क्षेत्रं नास्ति ब्रह्माण्डगोलके. इस ब्रह्मांड में दूसरा स्थान भगवती के जैसा नहीं है. भगवती का मंदिर तो छोड़िए. विंध्य क्षेत्र और विंध्य क्षेत्र के वासी जैसा लोग और विंध्य क्षेत्र दूसरा स्थान नहीं है. ​यहाँ पर बहुत सी साधनाओं की सिद्धि के लिए बड़े-बड़े साधक आते हैं. कामनाओं की पूर्ति के लिए और कामनाओं की सिद्धि के लिए बड़े राजनेता, फिल्म स्टार एवं दिग्गज, अन्य लोग भी आते हैं.

पुत्र और धन आदि की होती है प्राप्ति

आचार्य अनुपम महाराज ने बताया कि भगवती के यहाँ अनुष्ठान करने से धन, पुत्र, संपत्ति की प्राप्ति होती है. जितने भी बड़े राजनेता हैं. चुनाव के पहले वहाँ पर आकर हाजिरी लगाते हैं. क्योंकि, माँ ही पीतांबरा हैं, माँ ही राधा कृष्ण और उमाभास हैं. माँ सर्वरूपा हैं. इसीलिए माँ के चरणों में आकर माथा टेक कर मनौती मानते हैं. नारियल का भेंट चढ़ाते हैं कि हमारा विजय होगा. हम सांसद बन जाएँगे. विधायक बन जाएँगे. मंत्री बन जाएँगे. मुख्यमंत्री बन जाएँगे. हमारा पार्टी सरकार में आ जाएगी तो माँ के आकर मां का श्रृंगार करेंगे.

भेंट करते हैं आभूषण

पं. अनुपम महराज ने बताया कि मां के धाम में कामनाओं और इच्छाओं की पूर्ति के बाद भक्त नथिया, मुकुट और स्वर्ण का आभूषण चढ़ाते हैं. मनोरथ सिद्ध होने के बाद माँ के चरणों में आकर समर्पित भी करते हैं आज नहीं बल्कि बहुत पहले से जो भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और गृहमंत्री हुए हैं. सब माँ के यहाँ आए हैं और सब माँ के चरणों में माथा टेके हैं. उनकी कामनाएँ भी पूर्ण हुई हैं. उनका पार्टी भी बड़ी ही आनंद के साथ, खुशहाली के साथ पूरे देश पर राज किया है.

कराते हैं विशेष पाठ

​पं. अनुपम महाराज ने बताया कि मां के दरबार में ज्यादातर राजनेता लोग मां पीतांबरा बंगलामुखी का अनुष्ठान कराते हैं. यहाँ पर छिन्नमस्तिका का अनुष्ठान कराते हैं. यहाँ पर दुर्गा सप्तशती का अनुष्ठान कराते हैं. अपराजिता का पाठ कराते हैं. ऐसे बहुत से अनुष्ठान हैं जो यहाँ पर गुप्त रूप से करा करके और कार्य की सिद्धि की जाती है. क्योंकि, यहाँ कालीखोह का मंदिर है, जो कि बहुत रहस्यमयी है और कंदराओं में भी पूजन कराते हैं. अष्टभुजा पर पहाड़ों पर भी बहुत से ज्ञान की वृद्धि, वाकसिद्धि के निमित्त वहाँ पर भी अनुष्ठान कराए जाते हैं. महालक्ष्मी के दरबार में भी यहाँ पर बहुत से अनुष्ठान रात्रिकाल में किए जाते हैं, जिसमें विशेषकर पीतांबरा, अपराजिता, विपरीत प्रत्यंगिरा अनुष्ठान. सहित अनेक अनुष्ठान होते हैं.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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