जाति न पूछो अपराधी की, देखो उसका अपराध… अखिलेश को एनकाउंटर से दिक्कत?
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UP Police Encounter: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके यूपी पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मुसलमान अब तक एनकाउंटर में मारे गए हैं. जबकि दूसरे नम्बर पर उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा ब्राह्मण ( करीब 15 प्रतिशत ) एनकाउंटर में मारा गया है. तीसरे नंबर पर पासी और यादव बिरादरी के लोग हैं.
अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना.
लखनऊः आप और हम यह कहावत बचपन से सुनते आ रहे हैं कि जाति न पूछो साधु की, देखो उसका ज्ञान. यानी कि आप साधु की जाति मत देखिए, यह देखिए की उसको ज्ञान कितना है? कुछ ऐसी ही कहावत यूपी की सियासत में इन दिनों सुनाई जा रही है. कहावत कुछ यूं है कि जाति न देखो अपराधी की, देखो उसका अपराध. यानी कि अपराधी की जाति मत देखिए, यह देखिए की उसका अपराध क्या है? लेकिन कहते हैं ना कि यह राजनीति है, यहां कुछ लोग पीड़ित के घर पहुंचते हैं तो कुछ लोग अपराधी के घर. क्योंकि बात सब मिलाकर है वोट बैंक की. अगर अपराधी किसी ऐसी जाति से आता है, जिसका वोट बैंक ज्यादा है तो कुछ राजनीतिक दल उनके घर पहुंच जाते हैं.
जिनका एनकाउंटर हुआ, वह कोई बेगुनाह नहीं
अब आप सोच रहे होंगे की भला हम यह सब क्यों कह रहे हैं. दरअसल, अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता की. इस प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने एक आंकड़ा जारी किया है, यूपी पुलिस के एनकाउंटर का. जिसमें उन्होंने बताया है कि किस जाति के लोगों का सबसे अधिक एनकाउंटर हुआ है. अखिलेश यादव और उनकी पार्टी लगातार यह आरोप लगाती रही है कि उत्तर प्रदेश की पुलिस जाति को टारगेट करके उनका एनकाउंटर कर रही है. लेकिन अखिलेश यादव यह क्यों भूल जाते हैं कि जिनका एनकाउंटर होता है, वह कोई छोटे-मोटे अपराधी नहीं होते हैं.
जौनपुर का रवि यादव, अलीगढ़ का रजा मोहम्मद
बीते 25 मई को पुलिस ने जौनपुर में रवि यादव नाम के शख्स का एनकाउंटर करके उसे मार गिराया. रवि यादव कोई छोटा अपराध करके नहीं भागा था, बल्कि वह बीच रास्ते में बारात लेकर जा रहे दूल्हे की गोली मारकर हत्या की थी. 24 मई की रात को अलीगढ़ में दो बदमाशों का एनकाउंटर हुआ, जिनका नाम रजा मोहम्मद और मुबीन था. इन दोनों पर 70 से 80 लूट के मामले दर्ज थे. इनका इलाकों में खौफ था. औरतें घर से बाहर निकलने में डरती थीं. इन दोनों बदमाशों को पुलिस ने मार गिराया. हाल ही में गाजियाबाद में कैश वैन मशीन लूटने वाले आरोपी का एनकाउंटर किया गया था, जिसका नाम जुबैर था. जुबैर दुर्दांत अपराधियों में से एक था. इसपर 1 लाख रुपये का इनाम था.
क्षत्रिय बदमाशों के भी हुए हैं एनकाउंटर
ऐसे में अखिलेश यादव का यह कहना कि यूपी में सबसे अधिक मुसलमानों का एनकाउंटर हुआ है और उसके बाद ब्राह्मण समाज के लोगों का तो अखिलेश यादव शायद इन अपराधियों के अपराध को नहीं देखते हैं, वह बस देखते हैं कि नाम के पीछे तिवारी लिखा है कि मोहम्मद लिखा है. हाल ही में यूपी पुलिस ने एक आंकड़ा जारी किया था, जिसमें बताया गया था कि 2017 से लेकर अब तक कितने एनकाउंटर हुए हैं, जिसमें बदमाश मारे गए हैं. इन आंकड़ों में मुस्लिम और ब्राह्मण के अलावा क्षत्रिय बिरादरी से भी आने वाले बदमाशों का एनकाउंटर हुआ था.
इन ठाकुर जाति के बदमाशों का हुआ था एनकाउंटर
आपको बता दें कि साल 2024 में 28 अगस्त को सुल्तानपुर में भरतजी ज्वेलर्स की दुकान में 1.4 करोड़ रुपये की बड़ी लूट हुई. इस घटना के बाद खूब बवाल मचा. हालांकि पुलिस और एसटीएफ ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी मंगेश यादव और अनुज प्रताप सिंह को मार गिराया. अनुज प्रताप सिंह को 23 सितंबर 2024 को एसटीएफ ने मार गिराया था. इसके अलावा राजस्थान और यूपी में आतंक का पर्याय रहे मोस्ट वांटेड मुकेश ठाकुर को आगरा पुलिस ने मार गिराया था. इसके अलावा गाजियाबाद में अनिल दुजाना गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी और 50 हजार रुपये के इनामी बलराम ठाकुर को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था.
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Prashant Rai am currently working as Chief Sub Editor at News18 Hindi Digital, where he lead the creation of hyper-local news stories focusing on politics, crime, and viral developments that directly impact loc…और पढ़ें