बहुत क्रांति कर रहे थे…उपेंद्र कुशवाहा के कटाक्ष में अखिलेश को ‘बड़ी नसीहत’!
पटना. बिहार विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की करारी हार के बाद अब विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision (SIR) यानी एसआईआर (SIR) का मुद्दा देशभर में सियासी हथियार बन गया है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर को ‘वोट चोरी का खेल’ बताकर बीजेपी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है, लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इसे ‘बिहार की गलती’ की याद दिलाते हुए अखिलेश को कड़ा संदेश दिया.बता दें कि कुशवाहा ने अखिलेश के बयान पर तंज कसा. उन्होंने कहा, वे बिहार में एसआईआर को लेकर बहुत क्रांति कर रहे थे, लेकिन प्रदेश की जनता ने उन्हें बता दिया कि यह कोई मुद्दा नहीं है.
अखिलेश का आरोप, ‘SIR के बहाने वोट चोरी’
बिहार की गलती, यूपी में मत दोहराओ-कुशवाहा
बिहार मॉडल और 2027 यूपी चुनाव की तैयारी
इधर, अखिलेश पर कुशवाहा का हमला लगता है कि बिहार से सबक ले लिया है. हाल ही में यूपी में चल रहे SIR अभियान के बीच अखिलेश ने खुद फॉर्म भरकर वीडियो शेयर किया. उन्होंने कहा, सभी सच्चे वोटरों को शामिल करें, कोई नाम न कटे. यह कदम रणनीतिक लगता है. बिहार में SIR विरोध के कारण वोटरों का एक हिस्सा नाराज हुआ था, अब यूपी में पार्टी कार्यकर्ताओं को अलर्ट रहने को कह रहे हैं. जानकारों का मानना है कि अखिलेश राहुल गांधी के SIR मुद्दे से दूरी बना रहे हैं. बता दें कि राहुल ने इसे ‘संविधान पर हमला’ बताया था, लेकिन अखिलेश अब कह रहे हैं SIR का फायदा उठाकर वोट बचाओ. फिर भी, गठबंधन की मजबूती के लिए वे कभी-कभी मुद्दा उठाते हैं.
चेत गए अखिलेश यादव और बदल लिया रुख
राजनीति के जानकार कहते हैं, कुशवाहा का तंज अखिलेश को चेतावनी है- बिहार की गलती यूपी में न दोहराओ. SIR को हथियार बनाने से वोटर उल्टा पड़ सकता है. दूसरी ओर बीजेपी भी एसआईआर के मुद्दे पर अखिलेश यादव की दुविधा देखकर तंज कस रही है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी कहा, अखिलेश, राहुल और ममता हार मान चुके हैं. SIR पारदर्शिता का काम है और इसे साजिश बताना हास्यास्पद. बिहार में SIR से 60 लाख नाम कटने का दावा विपक्ष ने किया था, लेकिन चुनाव आयोग ने इसे खारिज कर दिया.
बिहार के मतदाताओं ने संदेश दिया-नारा नहीं काम
बहरहाल, एसआईआर यह विवाद 2027 यूपी चुनावों की जमीन तैयार कर रहा है. अखिलेश यादव की PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति SIR के बहाने सवाल उठाए रखने की रणनीति है, शायद इस बहाने उनका वोट बैंक मजबूत हो सकता है, लेकिन बिहार चुनाव के परिणाम और कुशवाहा की चेतावनी साफ है -जनता मुद्दे नहीं, काम देखती है. बिहार की हार से सीखते हुए अखिलेश अब संतुलन की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गठबंधन में तकरार बढ़ सकती है.