मुरादाबाद की इन महिलाओं ने घर बैठे खड़ा किया लाखों का बिजनेस, हो रही बंपर कमाई
Last Updated:
Moradabad Women Self Help Group: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में महिलाओं के एक स्वयं सहायता समूह ने ‘प्रोजेक्ट स्नेह’ संस्था के सहयोग से आत्मनिर्भरता की एक अद्भुत और प्रेरक मिसाल पेश की है. समूह की मुखिया कमलेश ने संस्था की फाउंडर शिखा गुप्ता से मुफ्त ट्रेनिंग पाकर न केवल खुद हुनर सीखा, बल्कि अपने साथ 30 अन्य महिलाओं को भी बास्केट, जग, मिरर और हैंडीक्राफ्ट बनाने का काम सिखाया. आज यह पूरा ग्रुप घर बैठे सिलाई-कढ़ाई और हस्तशिल्प के जरिए हर महीने लाखों रुपये का तगड़ा मुनाफा कमा रहा है. प्रत्येक महिला हर महीने 10 से 15 हजार रुपये कमाकर अपने परिवार को आर्थिक रूप से संभाल रही है.
Moradabad Women Self Help Group: कहते हैं कि अगर नारी को सही दिशा, सही मार्गदर्शन और हुनर मिल जाए, तो वह न केवल अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है बल्कि पूरे समाज की तकदीर बदल सकती है. उत्तर प्रदेश के पीतल नगरी कहे जाने वाले मुरादाबाद जिले से महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक ऐसी ही सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है. यहाँ की साधारण और घरेलू महिलाओं के एक ग्रुप ने घर के कामकाज की जिम्मेदारियों को निभाते हुए अपनी मेहनत के दम पर आज हर महीने लाखों रुपये की कमाई का एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. यह ग्रुप आज पूरे शहर के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुका है.
इस पूरे क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत मुरादाबाद की रहने वाली कमलेश नाम की महिला से हुई. कमलेश ने बताया कि वह पिछले 4 वर्षों से ‘प्रोजेक्ट स्नेह’ नामक एक सामाजिक संस्था से जुड़ी हुई हैं. इस संस्था की फाउंडर शिखा गुप्ता ने समाज की आर्थिक रूप से कमजोर और घरेलू महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने का बीड़ा उठाया है.
संस्था के माध्यम से कमलेश को पूरी तरह से मुफ्त (फ्री) ट्रेनिंग दी गई. कमलेश ने बताया कि उन्होंने यहां रहते हुए करीब एक दर्जन से अधिक विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प और सिलाई-कढ़ाई की चीजों के सैंपल बनाना सीखा. इनमें मुख्य रूप से खूबसूरत बास्केट, स्टाइलिश जग, ग्लास, डिजाइनर मिरर (शीशे) और सजावटी सामान शामिल हैं. कमलेश ने न केवल खुद इस हुनर को बारीकी से सीखा, बल्कि उनके भीतर अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाने की एक अनोखी जिद पैदा हो गई.
घर-घर तक पहुंचाया आत्मनिर्भरता का मंत्र
खुद पूरी तरह से हुनरमंद होने के बाद कमलेश ने इस काम को केवल अपने तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने अपने आसपास की अन्य घरेलू महिलाओं को भी इससे जोड़ने का फैसला किया. कमलेश ने अपने स्तर पर पहल करते हुए एक-एक करके कुल 30 महिलाओं का एक मजबूत ग्रुप तैयार किया और उन सभी को भी इन शानदार हैंडीक्राफ्ट आइटम्स को बनाने की मुफ्त ट्रेनिंग दी.
आज कमलेश के मार्गदर्शन में यह 30 महिलाओं का दस्ता एक सुव्यवस्थित कुटीर उद्योग की तरह काम कर रहा है. इनमें से कोई महिला सिलाई-कढ़ाई के काम में पारंगत हो चुकी है, तो कोई वैश्विक मानकों के अनुरूप बेहतरीन हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद तैयार कर रही है. इन महिलाओं द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट्स की बाजार में भारी मांग है, जिससे इनके ग्रुप का कारोबार दिन-दूना रात-चौगुना बढ़ रहा है.
घर बैठे हो रहा है बंपर मुनाफा
अगर मुनाफे और कमाई की बात की जाए तो इस स्वयं सहायता समूह की सफलता के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले और सुखद हैं. समूह की हेड कमलेश ने बताया कि आज उनके ग्रुप से जुड़ी प्रत्येक महिला हर महीने 10 हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक का शुद्ध मुनाफा बहुत ही आसानी से कमा रही है. इस हिसाब से देखा जाए तो महिलाओं के इस पूरे ग्रुप को हर महीने सामूहिक रूप से लाखों रुपये की बंपर इनकम हो रही है.
खुश हैं समूह की महिलाएं
ग्रुप से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि वे इस काम से बेहद खुश और संतुष्ट हैं. अब उन्हें पैसों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता. वे घर की चारदीवारी के भीतर, अपने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों को संभालते हुए बचे समय में यह काम करती हैं. इस कमाई से वे न केवल अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा पा रही हैं, बल्कि अपने परिवार का जीवन स्तर भी बेहतर कर रही हैं.
About the Author
Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें