लखनऊ कोचिंग में कब लगी आग, कितनी देर में पहुंची फायर ब्रिगेड? जानें डिटेल
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Lucknow Coaching Fire Case: यूपी में लखनऊ के पुरनिया इलाके में स्थित एक कोचिंग संस्थान में आग लगने से 15 स्टूडेंट्स की मौत हो गई. कोचिंग सेंटर में जब आग लगी तो फायर ब्रिगेड कितनी देर में मौके पर पहुंची? और कब फायर ब्रिगेड को इस घटना की खबर हो गई थी? जानकारी के अनुसार फायर ब्रिगेड को आग लगने की सूचना दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर मिली थी. सूचना मिलते ही महज एक मिनट बाद, यानी 2 बजकर 28 मिनट पर इंदिरा नगर फायर स्टेशन से तीन दमकल गाड़ियां मौके के लिए रवाना कर दी गईं. 17 मिनट के भीतर 19 फायर टेंडर घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन भवन में सिर्फ एक एंट्री-एग्जिट होने और भारी धुएं के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया. आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का भी सहारा लेना पड़ा, जबकि रेस्क्यू के दौरान एक फायर कर्मी की तबीयत भी बिगड़ गई.
लखनऊ कोचिंग आग केस.
लखनऊ: यूपी में लखनऊ के अलीगंज में पुरनिया इलाके में कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग को लेकर अब मिनट-दर-मिनट की जानकारी सामने आई है. फायर ब्रिगेड को दोपहर 2:27 बजे आग लगने की सूचना मिली और महज एक मिनट बाद दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना हो गईं. आखिर उस दिन क्या-क्या हुआ, जानिए पूरी टाइमलाइन.
आग की गंभीरता को देखते हुए फायर विभाग ने तेजी से संसाधन बढ़ाए. कॉल मिलने के 17 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की कुल 19 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. आग पर काबू पाने के लिए सामान्य दमकल वाहनों के साथ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे ऊपरी हिस्सों तक पहुंचकर आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में मदद मिली.
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भवन में प्रवेश और निकास का केवल एक ही रास्ता था. यही वजह रही कि आग लगने के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए. धुआं पूरे भवन में फैल गया और अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया. एक ही एंट्री-एग्जिट होने के कारण अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई.बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड के जवानों को भी भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. घने धुएं के बीच राहत कार्य करते समय एक फायर ब्रिगेड कर्मी की तबीयत बिगड़ गई. इसके बावजूद बचाव दल लगातार अभियान में जुटा रहा.
इस घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला और कॉमर्सियल इमारतों में सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को केंद्र में ला दिया है. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन में सुरक्षा संबंधी मानकों का कितना पालन किया गया था और किन कारणों से आग लगने के बाद स्थिति इतनी गंभीर हो गई.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें