साधारण नहीं, खेतों में लगा दें सुगंध वाला ये धान… दुबई के शेख भी हो जाएंगे दीवाने, मिलेगा 2 गुना दाम!

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साधारण नहीं, खेतों में लगा दें सुगंध वाला ये धान… दुबई के शेख भी हो जाएंगे दीवाने, मिलेगा 2 गुना दाम!


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Paddy Farming Tips : यूपी में अधिकतर किसान मोटे धान की खेती करते हैं लेकिन अगर आप 10 जुलाई से पहले धान की इस किस्म की खेती करते हैं तो 2 गुना मुनाफा कमा सकते हैं. धान की इस सुगंधित किस्म की मांग विदेशों में बहु…और पढ़ें

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश में धान की रोपाई बड़े क्षेत्रफल में की जाती है. किसान धान की फसल उगाकर अच्छा मुनाफा कमाते हैं. यहां किसान मोटे धान के साथ-साथ महीन धान यानी बासमती धान की भी फसल उगाते हैं. बासमती धान के चावल की मांग विदेश में काफी ज्यादा रहती है. इसके साथ ही यूपी समेत देश के अन्य राज्यों में भी बासमती चावल की डिमांड बढ़ने लगी है. ऐसे में अन्य किस्मों की तुलना में बासमती धान का दाम अधिक मिलता है. इसी वजह से बासमती धान का एरिया हर साल 10 फीसदी तक बढ़ रहा है. ज्यादातर किसान मोटे धान की फसल की रोपाई कर चुके हैं. अब महीन धन यानी बासमती धान की रोपाई का समय आ गया है. यह समय बासमती धान की रोपाई करने के लिए सबसे उपयुक्त है.

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात कृषि एक्सपर्ट डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि बासमती धान को सुगंधित धान भी कहा जाता है. इसका चावल स्वाद के साथ-साथ सुगंधित होता है. जिसकी वजह से इसे विदेश में काफी पसंद किया जाता है. अगर आप भी बासमती धान की फसल लगाना चाहते हैं तो यह समय बेहद ही उपयुक्त है. किसान 10 जुलाई से जुलाई से अंत तक बासमती धान की रोपाई कर सकते हैं लेकिन बासमती धान की रोपाई करते समय किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि उनको कम लागत में अच्छा उत्पादन मिल सके. बासमती धान को देरी से इसलिए भी लगाया जाता है ताकि पकते समय तापमान कम हो और चावल में सुगंध ज्यादा आए.

इन बातों का रखें ध्यान
बासमती धान की रोपाई करने से पहले खेत के अच्छे से तैयारी करें. खेत मेंपानी छोड़कर हाइड्रोलिक डिस्क हैरो से खेत की जुताई कर खेत को पाटा चला कर समतल कर लें. उसके बाद पौधे से पौधे की दूरी का विशेष तौर पर ध्यान रखें. पौधे से पौधे की दूरी 15 से 20 सेंटीमीटर जबकि लाइन से लाइन की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखनी चाहिए. ध्यान रखें कि नर्सरी 20 से 25 दिनों से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. ज्यादा दिन की नर्सरी होने की वजह से पौधे का विकास प्रभावित होता है.

कम मात्रा में करें उर्वरक का इस्तेमाल
बासमती धान में उर्वरक मोटे धान के मुकाबले कम डालना चाहिए. क्योंकि ज्यादा मात्रा में उर्वरक का इस्तेमाल करने से बासमती धान में कीट अधिक आते हैं. क्योंकि यह बेहद ही सुगंधित धान होता है. इसकी ओर कीट ज्यादा आकर्षित होते हैं.

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