करीब 47 करोड रुपए बकाया
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उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मनरेगा योजना (MGNREGA) मजदूरों के लिए वरदान की जगह बड़ी परेशानी बन गई है. जिले की 4 तहसीलों के 13 ब्लॉकों में मजदूरों की मजदूरी का लगभग 47 करोड़ रुपये बकाया है. हाड़ तोड़ मेहनत करने के बाद भी अपनी गाढ़ी कमाई के लिए मजदूर अब ब्लॉक, तहसील और विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं. अधिकारी केवल बजट न होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं. महीनों से पैसा न मिलने के कारण अब मजदूरों का इस योजना से मोहभंग हो रहा है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं.
अमेठी: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए और बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए जिस मनरेगा की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन पर आज के करीब 20 साल पहले की गई वह मनरेगा योजना अब मजदूरों के लिए समस्या बन गई है. मजदूरों ने काम तो कर लिया, लेकिन अब उनकी मेहनत का पैसा ही उन्हें नहीं मिल रहा है. इसके कारण उन्हें अब तहसील ब्लॉक और विकास भवन के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. उन्हें अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए बार-बार दौड़ना पड़ रहा है.
अमेठी जिले में चार तहसील हैं, जिसमें मुसाफिरखाना गौरीगंज अमेठी और तिलोई इन चार तहसीलों के 13 विकासखंड मे करीब 47 करोड रुपए मनरेगा की बकाया धनराशि है. इसे लेकर कई बार शासन स्तर से पत्र भी यहां के अधिकारियों ने जारी कराया लेकिन हाल जस का तस है और अधिकारी सिर्फ और सिर्फ बजट का हवाला देकर खाना पूर्ति कर रहे हैं. ऐसे में मजदूरों की मजदूरी लंबे समय से अटकी है.
बार-बार करना पड़ रहा है दौड़ भाग
अमेठी जिले के बकाया भुगतान वाले हौसला प्रसाद यादव बताते हैं कि लंबे समय से उनकी मजदूरी के साथ-साथ हजारों की संख्या में ऐसे मजदूर हैं जिनकी मजदूरी लंबे समय से बकाया है कई बार उन्होंने खुद शिकायत की इसके साथ ही पीड़ित मजदूरों ने शिकायत की लेकिन सिर्फ और सिर्फ कागज पर आश्वासन दिया जाता है कि जल्द ही भुगतान हो जाएगा आखिर ऐसे कैसे होगा जब मजदूरों की मजदूरी नहीं दी जा रही.
वहीं एक और स्थानीय ग्रामीण और काम करने वाले बताते हैं की लंबे समय से भुगतान नहीं हुआ है और कई बार इसके लिए शिकायती पत्र भी दिया जा चुका है अब भुगतान कब होगा यह पता नहीं लेकिन सरकार से गुजारिश है कि मनरेगा का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए नहीं तो अब तो काम में भी रुचि नहीं होती है..
वहीं पूरे मामले पर जिम्मेदार अधिकारी और जिला प्रभारी मनरेगा शेर बहादुर यादव ने कैमरे पर बोलने से इनकार कर दिया उन्होंने विभागीय मामला बताते हुए कहा कि जो भी बकाया राशि है उसके भुगतान के लिए शासन स्तर से पत्र जारी किया गया है प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द मजदूरों का भुगतान हो जाए इसके साथ ही इस योजना को बेहतर से बेहतर संचालन में आगे भी मदद मिल सके.
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Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें