कांवड़ियों की पसंद बने अलीगढ़ के घंटी-घुंघरू…हरिद्वार से उज्जैन तक बंपर डिमांड

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कांवड़ियों की पसंद बने अलीगढ़ के घंटी-घुंघरू…हरिद्वार से उज्जैन तक बंपर डिमांड


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Kanwar Yatra 2025: अलीगढ़ में सावन और कांवड़ यात्रा की शुरुआत के साथ ही बाजारों में घंटी-घुंघरू की डिमांड तेज़ी से बढ़ गई है. खासतौर से हरिद्वार, बिहार और देशभर के गंगा घाटों और शिव मंदिरों के लिए यहां से बड़ी …और पढ़ें

हाइलाइट्स

  • अलीगढ़ में कांवड़ यात्रा को देखते हुए घंटी-घुंघरू की डिमांड बढ़ गई है.
  • नए डिज़ाइन की डाक कांवड़ और पीतल की चमक वाली घंटियों ने बाजार में बढ़ाई रौनक.
  • हरिद्वार, बिहार, उज्जैन समेत देशभर में भेजे जा रहे हैं कांवड़ सजावट के सामान.
अलीगढ़: उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ शहर अब सिर्फ तालों के लिए नहीं, बल्कि घंटे-घुंघरू की चमक और कांवड़ सजाने की सामग्री के लिए भी तेजी से मशहूर हो रहा है. सावन महीने की शुरुआत के साथ ही भोलेनाथ के भक्तों की आस्था के रंग में पूरा शहर रंग जाता है. कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2025) को लेकर शहर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिलती है. यहां की सबसे ज्यादा डिमांड वाली चीज़ होती है घंटी, घुंघरू और डाक कांवड़.

100 साल पुराना है घंटी-घुंघरू का कारोबार
अलीगढ़ में घंटी और घुंघरू बनाने का काम कोई नया नहीं, बल्कि यह परंपरा यहां बीते 100 साल से भी ज्यादा वक्त से चलती आ रही है. स्थानीय कारोबारी चंद्रशेखर शर्मा बताते हैं कि उनके परिवार की पीढ़ियां इस काम से जुड़ी हैं. सावन आते ही वे खासतौर पर कांवड़ सजाने की घंटी, घुंघरू, डाक कांवड़ और दूसरी आकर्षक सामग्री तैयार करते हैं.

नई डिज़ाइन की डाक कांवड़ बनी आकर्षण
इस बार बाजार में खास डिज़ाइन की डाक कांवड़ भी देखने को मिल रही है. इन पर भक्तों की पसंद को ध्यान में रखते हुए बेहद सुंदर सजावट की गई है. लोहे की घंटियों को पीतल जैसी चमक देकर इन्हें और आकर्षक बनाया गया है. खास बात यह है कि ये सामग्री सिर्फ अलीगढ़ में ही नहीं बिकती, बल्कि हरिद्वार, बिहार, उज्जैन और देश के दूसरे हिस्सों में भी बड़ी मात्रा में सप्लाई की जाती है. गंगा घाटों और शिव मंदिरों के लिए यहां से लगातार माल भेजा जाता है.

कांवड़ यात्रा ने बदली अलीगढ़ की पहचान
अब तक अलीगढ़ को देशभर में ताले और तालीम के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते कुछ सालों में यहां के हुनरमंद कारीगरों ने घंटी-घुंघरू और कांवड़ सजावट के सामान से शहर को नई पहचान दी है. कांवड़ यात्रा की बढ़ती लोकप्रियता के बीच अलीगढ़ के बाजार रंग-बिरंगी, बजट फ्रेंडली और आकर्षक कांवड़ सामग्री से भरे नजर आते हैं. सावन आते ही यहां कांवड़ियों की भीड़ उमड़ पड़ती है, जो यह साबित करती है कि श्रद्धा और हुनर का संगम अलीगढ़ को एक नया मुकाम दे रहा है.
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