क्या है अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट JPNIC का विवाद, जिसे CM योगी ने LDA को सौंपा
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Lucknow JPNIC Controversy: राजधानी लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को योगी सरकार ने LDA के हवाले कर दिया है. अखिलेश यादव का यह ड्रीम प्रोजेक्ट पिछले आठ सैलून से बंद पड़ा था. गुरुवार को कैबिनेट बैठक म…और पढ़ें
Lucknow JPNIC Controversy: अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट JPNIC को योगी सर्कार ने LDA को सौंपा
हाइलाइट्स
- अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट JPNIC अब LDA के हवाले
- कैबिनेट बैठक में योगी सरकार ने इस प्रस्ताव पर लगाई मुहर
- अखिलेश यादव के इस प्रोजेक्ट को लेकर एक बार फिर सियासत देखने को मिल सकता है
जेपीएनआईसी का इतिहास
जेपीएनआईसी की नींव 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने रखी थी. इसे दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर की तर्ज पर एक बहुउद्देशीय सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना थी. इस परियोजना में समाजवादी आंदोलन पर आधारित एक संग्रहालय, आधुनिक सभागार, खेल परिसर, और कला दीर्घाएं शामिल थीं. 2016 में अखिलेश ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन 2017 में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद इस परियोजना पर काम रुक गया. तब से यह केंद्र अधूरा और बंद पड़ा है.
बीजेपी पर अखिलेश का हमला
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने अखिलेश के आरोपों को खारिज करते हुए इसे सस्ती राजनीतिक नौटंकी करार दिया. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “जेपीएनआईसी समाजवादी पार्टी के भ्रष्टाचार का प्रतीक है. अखिलेश यादव ने इस परियोजना में भारी अनियमितताएं की थीं, जिसके कारण इसकी लागत अनुमानित 265 करोड़ रुपये से बढ़कर 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी.” उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश समाजवादी विचारधारा का दुरुपयोग कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.