किसानों की सिंचाई की टेंशन खत्म! PM कुसुम योजना से मिलेगा ₹493200 की डिस्काउंट
PM Kusum Yojna: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में किसान अक्सर अपने खेतों में फसलों की सिंचाई करने के लिए महंगे बिजली बिल और ग्रामीण इलाकों में होने वाली अघोषित बिजली कटौती को लेकर बेहद परेशान रहते हैं. सही समय पर बिजली न मिलने के कारण फसलें सूखने की कगार पर पहुंच जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि केंद्र और राज्य सरकार की एक ऐसी धांसू योजना भी है, जो आपके खेतों में चलने वाले ट्यूबवेल को पूरी तरह से बिजली मुक्त कर सकती है?
इस कल्याणकारी योजना का नाम है ‘पीएम कुसुम योजना’ (PM-KUSUM). दुर्भाग्य की बात यह है कि जानकारी के अभाव में जिले के बहुत कम किसान अब तक इसका लाभ उठा पाए हैं, जिससे हर साल सरकारी टारगेट अधूरा रह जाता है. आइए जानते हैं कि आप किस तरह इस योजना का लाभ उठाकर अपने लाखों रुपये बचा सकते हैं.
क्या है पीएम कुसुम योजना और कौन है इसके पात्र?
यह योजना केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से चलाई जा रही सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को सिंचाई के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है.
योजना का लाभ लेने के लिए सरकार की एक सख्त शर्त है:-
- निजी ट्यूबवेल होना जरूरी: लाभ लेने वाले किसान के पास अपना खुद का पर्सनल (निजी) ट्यूबवेल होना आवश्यक है.
- कनेक्शन क्षमता: यह योजना मुख्य रूप से उन विद्युत उपभोक्ताओं के लिए है, जिनके पास 3 HP (हॉर्स पावर) से लेकर 7.5 HP तक के निजी ट्यूबवेल कनेक्शन मौजूद हैं.
सिर्फ 10% खर्च में चमचमाता सोलर सिस्टम
इस योजना की सबसे खास बात इसकी भारी-भरकम सब्सिडी है. यूपी नेड़ा (UP NEDA) के परियोजना अधिकारी आर.बी वर्मा ने इस योजना के वित्तीय ढांचे का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार किसानों को कुल 90% तक का तगड़ा अनुदान दे रही है.
इस सब्सिडी को दो हिस्सों में बांटा गया है:
- केंद्र सरकार का हिस्सा: 30% अनुदान
- राज्य सरकार का हिस्सा: 60% अनुदान
- किसान का खर्च: मात्र 10%
7.5 HP कनेक्शन पर लागत का लाइव उदाहरण
प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यदि कोई किसान अपने खेत में 7.5 HP क्षमता का सोलर पंप लगवाना चाहता है, तो उसका पूरा खर्च और बचत का गणित इस प्रकार होगा:
| विवरण | राशि (रुपये में) |
|---|---|
| कुल वास्तविक खर्च | ₹5,48,000 |
| सरकार द्वारा 90% सब्सिडी | ₹4,93,200 |
| किसान को देना होगा मात्र (10%) | ₹54,800 |
अधिकारी का बयान: यूपी नेड़ा के परियोजना अधिकारी आर.बी वर्मा ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए मिले लक्ष्य के आधार पर सहारनपुर में अब तक 25 किसानों के कृषि फार्मों पर यह सोलर सिस्टम सफलतापूर्वक स्थापित किया जा चुका है. जिन किसानों के खेतों में यह लगा है, उनके लिए यह बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है क्योंकि दिन के समय बिजली बाधित होने पर भी वे बिना किसी रुकावट के मुफ्त में खेतों की सिंचाई कर पा रहे हैं.
आवेदन कैसे करें? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अगर आप भी इस योजना का लाभ उठाकर बिजली के झंझट से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी है:
स्टेप 1: सबसे पहले उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (UP NEDA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए ‘पीएम कुसुम योजना’ (PM Kusum Yojana) के लिंक पर क्लिक करें.
स्टेप 3: वहां मांगी गई सभी जरूरी जानकारियां, जैसे- ट्यूबवेल कनेक्शन नंबर, आधार कार्ड, खतौनी और बैंक डिटेल दर्ज कर आवेदन सबमिट करें.
स्टेप 4: आपके आवेदन के बाद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विभाग द्वारा पात्रता का वेरिफिकेशन (सत्यापन) किया जाएगा.
स्टेप 5: सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही और निर्धारित 10% राशि जमा करने के कुछ ही दिनों के भीतर आपके खेत में सोलर पंप लगा दिया जाएगा.
तो देर किस बात की, तुरंत इस योजना के लिए आवेदन करें और मुफ्त सौर ऊर्जा से अपनी फसलों को हरा-भरा बनाएं!