क्या आपने चखा है सफेद प्याज का अचार? गोरखपुर की इस दुकान पर स्वाद के लिए उमड़ती है भीड़

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क्या आपने चखा है सफेद प्याज का अचार? गोरखपुर की इस दुकान पर स्वाद के लिए उमड़ती है भीड़


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White Onion Pickle: गोरखपुर के घंटाघर स्थित मशहूर मुरब्बा गली में मिलने वाला सफेद प्याज का अचार और सेब का मुरब्बा सालों से लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. खास पारंपरिक तरीके से तैयार किए जाने वाले इन दोनों उत्पादों का स्वाद दूर-दूर तक मशहूर है. स्थानीय लोगों के साथ दूसरे शहरों से भी ग्राहक इन्हें मंगवाते हैं. जानिए आखिर क्या है इनकी खासियत और क्यों सालभर बनी रहती है इनकी मांग.

गोरखपुर: अचार और मुरब्बे का नाम सुनते ही आम, नींबू या आंवले की याद आती है. लेकिन गोरखपुर की एक गली ऐसी भी है, जहां सफेद प्याज का अचार और सेब का मुरब्बा लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. घंटाघर स्थित मशहूर मुरब्बा गली में मिलने वाले ये दोनों पारंपरिक स्वाद न सिर्फ अपने अलग फ्लेवर के लिए जाने जाते हैं, बल्कि इन्हें खाने के लिए दूर-दूर से लोग ऑर्डर भी देते हैं.
गोरखपुर की घंटाघर स्थित मुरब्बा गली में कई दशकों से दुकान चला रहे प्राणनाथ बताते हैं कि उनके यहां बनने वाला सफेद प्याज का अचार और सेब का मुरब्बा सालभर सबसे ज्यादा बिकने वाले उत्पादों में शामिल हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे शहरों से भी ग्राहक इन दोनों चीजों का ऑर्डर देते हैं.

सफेद प्याज का अचार क्यों है खास?
प्राणनाथ बताते हैं कि सफेद प्याज का अचार सामान्य अचार से अलग तरीके से तैयार किया जाता है. इसमें कई तरह के पाचन में सहायक मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि इसका स्वाद अलग होता है. खाने के साथ थोड़ी मात्रा में इसे खाने से भोजन का स्वाद बढ़ जाता है और पाचन में भी मदद मिल सकती है.

सेब का मुरब्बा भी है लोगों की पसंद
सेब का मुरब्बा भी पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. सबसे पहले सेब को अच्छी तरह छीलकर उबाला जाता है. इसके बाद खास विधि से मुरब्बा बनाया जाता है, ताकि उसका स्वाद और गुणवत्ता बनी रहे. कई लोग इसे सुबह के नाश्ते में या भोजन के बाद खाना पसंद करते हैं.

स्वाद के साथ पोषण भी
सफेद प्याज में एंटीऑक्सीडेंट, सल्फर यौगिक और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. वहीं, सेब फाइबर और दूसरे पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है. हालांकि, मुरब्बे में चीनी होती है, इसलिए मधुमेह के मरीजों या विशेष डाइट लेने वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खाना चाहिए.

पूरे साल रहती है मांग
प्राणनाथ बताते हैं कि इन दोनों उत्पादों की मांग सिर्फ त्योहारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे साल बनी रहती है. कई ग्राहक पहले से ऑर्डर देकर बड़ी मात्रा में सफेद प्याज का अचार और सेब का मुरब्बा तैयार करवाते हैं, ताकि अपने घर के साथ रिश्तेदारों को भी भेज सकें. अगर आप गोरखपुर के पारंपरिक स्वाद का अलग अनुभव लेना चाहते हैं, तो घंटाघर की मुरब्बा गली का सफेद प्याज का अचार और सेब का मुरब्बा जरूर चख सकते हैं.

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Seema Nath

सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें



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