अयोध्या : वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को सबसे फेमस और क्रूर ग्रह माना जाता है. जब शनि देव अपनी राशि बदलते हैं, तो इसका प्रभाव मानव जीवन और राशियों पर नकारात्मक और सकारात्मक रूप में देखने को मिलता है. शनि देव हमेशा धीमी चाल चलते हैं और एक राशि में लगभग 2.5 साल तक रहते हैं. अगर वह फिलहाल मीन राशि में हैं, तो 30 साल बाद फिर से मीन राशि में प्रवेश करेंगे. शनि देव 29 मार्च को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 2027 तक इसी राशि में रहेंगे. इस दौरान शनि देव समय-समय पर शुभ योग का निर्माण भी करते हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है. कुछ राशियों की किस्मत बदल सकती है. आइए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं.
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे हैं, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर शुभ और अशुभ होता है. लेकिन कुछ राशियों पर शनि देव की विशेष कृपा रहने वाली है, जिसमें सिंह, वृषभ, तुला और धनु राशि के जातक शामिल हैं.
सिंह राशि : सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग बेहद अच्छा रहेगा. जीवन में चल रही हर परेशानियों से निजात मिलेगी. शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होगी. संतान सुख की प्राप्ति होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है.
वृषभ राशि : वृषभ राशि के जातकों की सभी इच्छाएं पूरी होंगी. व्यापार में वृद्धि होगी और कार्य क्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है .सफलता के योग बनेंगे, धन आगमन के मार्ग प्रशस्त होंगे और रुका हुआ कार्य भी पूरा होगा. नौकरी की चाहत भी पूरी होगी.
तुला राशि : तुला राशि के जातकों के लिए यह समय अच्छा रहेगा. नौकरी में सफलता मिलेगी, विदेश यात्रा पर जा सकते हैं और व्यापार में विस्तार होगा. इस दौरान समय अनुकूल रहेगा, सकारात्मक विचार उत्पन्न होंगे और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी. दांपत्य जीवन भी मधुर रहेगा.
धनु राशि : धनु राशि के जातकों को कार्य स्थल पर सहकर्मियों का सहयोग और वरिष्ठों से प्रशंसा प्राप्त होगी. मानसिक शांति से जुड़ा हुआ मामला समाप्त होगा, सकारात्मक विचार उत्पन्न होंगे और विदेश यात्रा पर जा सकते हैं.