जिसका डर था वही हुआ, मानसून तो देने लगा धोखा, इन राज्यों में आज आफत का अलर्ट
Today Weather News Live: मौसम वैज्ञानिक सुपर अल नीनो को लेकर जो डर दिख जता रहे थे, वह अब सच होता दिख रहा है. इस अल नीनो का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर साफ दिखने लगा है, जिसकी रफ्तार उम्मीद से धीमी बनी हुई है. जून का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन मानसून अभी भी देश के कई हिस्सों तक पूरी ताकत के साथ नहीं पहुंच पाया है. आम तौर पर इस वक्त तक मानसून पूरे पश्चिम बंगाल, ओडिश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को पार कर चुका होता है. हालांकि मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मानसून अभी तक बिहार-झारखंड के कुछ ही हिस्सों तक पहुंच पाया है. हालांकि मानसून की इस धीमी चाल का मतलब यह बिल्कुल नहीं कि मौसम शांत है. उल्टा देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली और लू का ऐसा मिश्रित असर देखने को मिल रहा है, जिसने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य इलाकों में तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है. दूसरी ओर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दक्षिण छत्तीसगढ़ के और इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है. लेकिन मानसून की मौजूदा सुस्ती ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से को अभी भी इंतजार में रखा हुआ है.
FILE PHOTO: School children play on a flooded street during heavy monsoon rains in Mumbai July 23, 2013. Torrential rains lashed Mumbai overnight, disrupting rail traffic and causing traffic chaos in many parts of the city, local media reported. REUTERS/Vivek Prakash/File Photo
वहीं देशभर में मौसम को प्रभावित करने वाले प्रमुख सिस्टमों में हरियाणा और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय सिस्टम शामिल हैं. इन्हीं के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बादलों का दबदबा
मानसून की धीमी प्रगति के बावजूद पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है.वहीं ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रहेगा. बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. ओडिशा में भारी बारिश के साथ उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है.
दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक तेज
केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसूनी बादल लगातार सक्रिय हैं. केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. तेलंगाना में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है.
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण भारत में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और आने वाले दिनों में यहां बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.
दिल्ली में फिर होगी गर्मी की वापसी
दिल्लीवालों को फिलहाल मानसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी में आंशिक बादल और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकने वाली. IMD के अनुसार अगले पांच दिनों में दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. यानी राजधानी में एक बार फिर गर्मी और उमस लोगों की परीक्षा ले सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में शाम के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मानसून जैसी ठंडी फुहारों का इंतजार अभी जारी रहेगा.
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं राहत, कहीं सावधानी
उत्तर प्रदेश में मौसम का असर क्षेत्रवार अलग-अलग रहेगा. पूर्वी यूपी में बादल सक्रिय रहेंगे और कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
वहीं पश्चिमी यूपी में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा, हालांकि हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही गर्मी को कुछ हद तक कम कर सकती है. किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आ सकता है.
उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा. कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. चारधाम यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
बिहार और झारखंड में बारिश से मिलेगी राहत
झारखंड में भी बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने को कहा है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी का अलर्ट
पूर्वी राजस्थान में मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी धूल भरी आंधी और गरज-चमक देखने को मिल सकती है.
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना है. मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
महाराष्ट्र में लू अभी बरकरार
देश के कई हिस्से जहां बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है. मौसम विभाग ने इन इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है. कोंकण और गोवा में हालांकि उमस के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा.
कुल मिलाकर मानसून की रफ्तार भले ही धीमी पड़ गई हो, लेकिन मौसम की गतिविधियां थमी नहीं हैं. देश के एक हिस्से में बादल आफत बनकर बरसने वाले हैं, तो दूसरे हिस्से में लू और उमस लोगों को परेशान करेगी. 14 जून का दिन देशभर में मौसम के कई रंग दिखाने वाला है, इसलिए घर से निकलने से पहले अपने शहर का मौसम अपडेट जरूर देख लें.
मौसम पूर्वानुमान की खास बातें…
क्या मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है?
हां. आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी है. हालांकि अगले 2-3 दिनों में इसके कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है.
14 जून को सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
कहां तेज आंधी-तूफान का खतरा है?
पूर्वी राजस्थान में 60-70 किमी प्रति घंटा और झोंकों के साथ 80 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली आंधी चल सकती है. ओडिशा, पश्चिमी राजस्थान और अंडमान-निकोबार में भी तेज हवाओं का अलर्ट है.
दिल्ली का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं. कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या गरज-चमक की संभावना है, लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान 3-4 डिग्री तक बढ़ सकता है.
क्या राजस्थान में मौसम खतरनाक हो सकता है?
हां. पूर्वी राजस्थान में तेज आंधी और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है.