जिस हर्बल टी PM मोदी ने किया जिक्र, साल में कितना है उसका टर्नओवर
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PM Modi Man Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ में नाम आने के बाद बिजनौर की ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ सुर्खियों में है. गांव की महिलाओं ने छोटे स्तर से इसकी शुरुआत की थी, लेकिन आज यह कारोबार लाखों में पहुंच चुका है. इस काम से जुड़ी महिलाएं हर महीने अच्छी कमाई भी कर रही हैं.
पीएम मोदी ने मन की बात में बिजनौर की हर्बल टी का किया था जिक्र
बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक छोटे से गांव लक्खीवाला की महिलाओं की मेहनत अब पूरे देश में पहचान बना रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ का जिक्र किया. इसके बाद गांव की महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. जिस चाय को कभी कुछ महिलाएं मिलकर छोटे स्तर पर बनाती थीं, आज उसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है. रिश्तेदारों से लेकर नए ग्राहकों तक लगातार फोन आ रहे हैं.
1 लाख रुपये से शुरू किया था काम
करीब एक साल पहले गांव की रहने वाली बबीता रानी ने कुछ महिलाओं के साथ मिलकर हर्बल टी बनाने का काम शुरू किया. शुरुआत में करीब 1 लाख रुपये लगाकर इस कारोबार की नींव रखी गई. मकसद सिर्फ चाय बेचना नहीं था, बल्कि गांव की महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करना भी था. धीरे-धीरे लोगों ने इस चाय को पसंद किया और फिर ऑनलाइन ऑर्डर मिलने लगे.
अब लाखों में पहुंच गया कारोबार
‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ की मांग लगातार बढ़ रही है. समूह को दिल्ली समेत कई शहरों से ऑर्डर मिल रहे हैं. बढ़ती मांग के साथ इस कारोबार का सालाना टर्नओवर अब करीब 15 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. ऑर्डर के हिसाब से ही चाय तैयार की जाती है, इसलिए गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है.
11 महिलाएं कर रही हैं काम
इस स्वयं सहायता समूह से फिलहाल 11 महिलाएं जुड़ी हुई हैं. चाय बनाने से लेकर पैकिंग, लेबल लगाने और ऑर्डर भेजने तक का पूरा काम यही महिलाएं संभालती हैं. इस काम से जुड़ी हर महिला को हर महीने करीब 8 से 10 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है. इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हुई है.
क्या खास है इस हर्बल टी में?
इस चाय में गिलोय, मुलेठी, कच्ची हल्दी, इलायची और सौंफ जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. महिलाओं का कहना है कि ये सभी चीजें शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं. इसी वजह से लोगों ने इस चाय को हाथोंहाथ लिया.
कितने में बिकती है चाय?
हर्बल टी का 100 ग्राम का पैकेट तैयार किया जाता है. पैकेट पर कीमत 350 रुपये लिखी होती है, लेकिन समूह इसे 300 रुपये में बेचता है. ऑनलाइन और सीधे ग्राहकों दोनों से ऑर्डर मिलते हैं.
सरकार से भी मिला साथ
काम बढ़ने के बाद समूह को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये का लोन भी मिला. इस मदद से उत्पादन बढ़ाने और कारोबार को आगे ले जाने में आसानी हुई. अधिकारियों का कहना है कि इससे दूसरी महिलाएं भी अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रेरित होंगी.
पीएम मोदी के जिक्र से बढ़ा हौसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ में नाम आने के बाद इस हर्बल टी की पहचान पूरे देश में पहुंच गई है. समूह की संचालक बबीता रानी का कहना है कि उनके लिए इससे बड़ा सम्मान नहीं हो सकता. अब उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में देश के और भी हिस्सों से ऑर्डर मिलेंगे और गांव की ज्यादा महिलाओं को रोजगार मिलेगा.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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