नवरात्रि के नौ दिनों वाराणसी के इन देवी मंदिरों में जरूर करें पूजा ,खुल जाएगी किमस्त; दूर होंगे सभी कष्ट
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Varanasi Famous Devi Temple: वाराणसी बाबा विश्वनाथ की नगरी है.नाथों के नाथ बाबा विश्वनाथ साथ इस शहर में कई शक्तिपीठ भी है.जहां दर्शन से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.काशी में बसे देवी का यह शक्तिपीठ काफी चमत्कारित भी माना जाता है.यह मंदिर रहस्यमयी भी है.आइये जानते हैं इसके बारें में..
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर बंदी देवी का मंदिर है.इस मंदिर में देवी के दर्शन और उन्हें ताला चाभी अर्पण करने से न सिर्फ आपके किस्मत के बंद दरवाजे खुलते है.बल्कि बंदी गृह यानी जेल से मुक्ति का राह भी खुल जाती है.काशी खंडोक्ट में इस मंदिर के महिमा का विस्तृत वर्णन है.

मदनपुरा क्षेत्र में पुरानी दुर्गाबाड़ी मंदिर है.इस मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा मिट्टी और पुआल से बनी हुई है.यह चमत्कार ही है कि मिट्टी और पुआल से बनी अस्थाई प्रतिमा को 250 सालों में कोई हिला नहीं पाया.इतना ही नहीं हैरानी वाली बात यह भी है कि यह प्रतिमा आज भी बिल्कुल सुरक्षित है.

वाराणसी के दुर्गाकुंड में मां कूष्मांडा देवी का प्राचीन मंदिर है.इस मंदिर से जुड़ी प्राचीन कथा है कि दैत्य शुम्भ निशुम्भ के वध के बाद थकी हारी देवी ने यही विश्राम किया था.इस देवी के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है.

वाराणसी के तंग गलियों में मां विशालाक्षी देवी का मंदिर है.यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है.धार्मिक मान्यता है कि इस जगह पर ही मां सती का नेत्र गिरा था.रात्रि में बाबा विश्वनाथ यही विश्राम करने आते है.

वहीं शहर के अलईपुर में मां शैलपुत्री देवी का मंदिर है.मां शैलपुत्री देवी हिमालय राज की बेटी है.इस मंदिर में देवी के दर्शन से वैवाहिक बाधा दूर होती है.नवरात्रि में यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है.