नोएडा हिंसा में पुलिस की 2 FIR क्‍या कहती हैं, RJD प्रवक्‍ताओं पर केस क्‍यों हुआ?

0
नोएडा हिंसा में पुलिस की 2 FIR क्‍या कहती हैं, RJD प्रवक्‍ताओं पर केस क्‍यों हुआ?


Last Updated:

Noida Police Protest FIR : नोएडा हिंसा मामले में नई FIR में बड़ा खुलासा हुआ है. सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और भ्रामक पोस्ट डालकर माहौल बिगाड़ने की साजिश सामने आई है. पुलिस ने कई आरोपियों पर केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.

Zoom

नोएडा हिंसा केस में पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज की हैं.

नोएडा : नोएडा हिंसा (Noida Violence) मामले में अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. पुलिस की तरफ से दर्ज दो एफआईआर में हिंसा के बारे में प्रारंभिक जानकारी सामने आ रही हैं. पहली FIR कहती है कि सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक पोस्ट डालकर माहौल बिगाड़ने की साजिश की गई, जबकि दूसरी प्राथमिकी ने मदरसन कंपनी के वर्करों की ओर से दिए गए धरने और प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा को लेकर अहम बातें कही गई हैं. केवल यही नहीं. श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन केस में नोएडा पुलिस ने एक्शन तेज करते हुए RJD के दो नेशनल स्पोक्सपर्सन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. राजद प्रवक्ता प्रियंका भारती और कंचन यादव के खिलाफ यह केस किया गया है.

पहली एफआईआर जो गौतमबुद्धनगर (Gautam Buddha Nagar) के साइबर थाने में दर्ज की गई है, वह कहती है कि फर्जी वीडियो शेयर कर नोएडा में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई. पहले आरोपी के तौर पर जितेन्द्र कुमार दौसा का नाम सामने आया है, जिसने फेसबुक पर एक युवक की पिटाई का वीडियो पोस्ट कर उसे नोएडा का बताया. जांच में खुलासा हुआ कि यह वीडियो दरअसल मध्‍य प्रदेश के शहडोल का था. वहीं दूसरे मामले में X (Twitter) हैंडल @ItsKtyni द्वारा सेक्टर-62 नोएडा में आगजनी का दावा करते हुए वीडियो पोस्ट किया गया, जो पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी और किसी अन्य स्थान का निकला. पुलिस के मुताबिक, इन दोनों मामलों में भ्रामक नैरेटिव बनाकर लोगों को भड़काने, डर और गुस्सा फैलाने की कोशिश की गई, जिससे कई इलाकों में तनाव का माहौल बना और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा.

इसी बीच, हिंसा से जुड़ी दूसरी FIR में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन का भी जिक्र है. सेक्टर-1 और सेक्टर-6 स्थित मदरसन कंपनी के वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू किया था. इसमें लिखा गया है कि पहले से तैनात पुलिस बल के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और संदीप पेपर मिल मेन रोड को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया. समझाने के बावजूद भीड़ नहीं मानी और नारेबाजी करते हुए चिल्ला बॉर्डर तक पहुंच गई, जहां बैठकर दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह ठप कर दिया गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ.

एफआईआर आगे कहती है कि ‘स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ उग्र हो गई और मदरसन कंपनी के गेटों पर हमला कर दिया. इस दौरान CCTV कैमरे, गेट, सरकारी बैरियर और गमले तोड़ दिए गए. पुलिस पर भी पथराव किया गया, जिसमें एसआई योगेन्द्र सिंह घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया. इस मामले में 12 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है.’

उधर, सोशल मीडिया पर भी इस मामले में पोस्‍ट किए जाने को लेकर सियासी एंगल आ गया है. पुलिस के अनुसार, भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने आया है. राष्‍ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) के दो नेशनल प्रवक्ताओं Priyanka Bharti और Kanchan Yadav के खिलाफ भी नोएडा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. आरोप है कि उन्होंने गलत वीडियो को नोएडा का बताकर शेयर किया, जिससे अलग-अलग इलाकों में भय और अविश्वास का माहौल बना.

पुलिस का कहना है कि सुनियोजित तरीके से भड़काऊ और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर पुलिस की छवि को धूमिल करने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(1)(b) और आईटी एक्ट की धारा 66 व 66D के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है.

About the Author

authorimg

Sandeep KumarSenior Assistant Editor

Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *