पन्द्रह साल की उम्र में मेडल से भरी अलमारी, शिवम चौरसिया का ओलंपिक गोल्ड का सपना
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सुल्तानपुर के 15 वर्षीय शिवम चौरसिया ने सीमित संसाधनों के बावजूद टेबल टेनिस में शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं. पान की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे शिवम प्रदेश चैंपियन रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर जिले का नाम रोशन कर चुके हैं. उनका सपना ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है.
सुल्तानपुर. कहते हैं कि अगर दिल में हौसला और जुनून हो तो कोई भी आदमी किसी भी काम को आसानी से कर सकता है. इसी का उदाहरण पेश किया है सुल्तानपुर के एक छोटे से कस्बे के रहने वाले शिवम चौरसिया ने, जो मात्र 15 साल के हैं. लेकिन उनकी अलमारियां मेडल और पुरस्कार से भरी हुई है. वह टेबल टेनिस के एक उभरते हुए खिलाड़ी हैं जिन्होंने न सिर्फ जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं में कई सारे मेडल जीते बल्कि प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने सुल्तानपुर का नाम रोशन किया है. 15 वर्षीय खिलाड़ी शिवम चौरसिया ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि वे टेबल टेनिस के नेशनल में कई बार खेल चुके हैं. शिवम प्रदेश चैंपियन भी रह चुके हैं जिसके लिए उन्हें कांस्य पदक मिला था और अलग-अलग क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं में शिवम चौरसिया ने 15 से अधिक सिल्वर मेडल प्राप्त किया है. राष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने टेबल टेनिस के कई प्रतियोगिताएं खेली हैं और उसमें प्रतिभाग कर न सिर्फ अपने परिवार का नाम रोशन किया बल्कि सुल्तानपुर जिले का भी नाम रोशन किया है.
पिता करते हैं यह काम
शिवम चौरसिया सुलतानपुर स्थित जोगीवीर के रहने वाले हैं. एक तरफ उनके पिता पान की दुकान करके अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं और अपने बच्चों को इस काबिल बना रहे हैं कि वह आत्मनिर्भर बन सके और अपने पैरों पर खड़े हो सकें. वहीं दूसरी ओर शिवम चौरसिया अपने पिता को गर्व की अनुभूति करा रही हैं. माता गृहणी हैं, जो शिवम को अच्छा खिलाड़ी बनाने के लिए मदद करती हैं. शिवम के पिता का सपना है कि उनका बेटा सुल्तानपुर जिले का एक अच्छी व्यक्तित्व बने और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में अपनी पहचान बनाएं.
इनको मानते हैं अपना आदर्श
लोकेल 18 से बातचीत के दौरान शिवम ने बताया कि वह अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं. इसके साथ ही खेल के प्रति उनकी रुचि बनी रहे और वह मोटिवेट होती रहे. इसके लिए उन्होंने अपना आदर्श अपने अचंत शरत कमल को चुना है. शिवम चौरसिया का यह सपना है कि वह ओलंपिक में प्रतिभाग करें और देश के लिए गोल्ड मेडल हासिल करें.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें