प्रयागराज के इस मंदिर में सावन महीने में लागू होगा ड्रेस कोड, मुख्य पुजारी ने बताया क्या पहनना होगा और क्या नहीं
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सनातन धर्म का पवित्र महीना सावन 11 जुलाई से शुरू हो जाएगा. ऐसे में प्रयागराज में स्थित मनकामेश्वर मंदिर प्रशासन की ओर से ड्रेस कोड को लेकर निर्णय लिया गया है.
प्रयागराज: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है. इस दौरान सनातन धर्म से जुड़े हुए लोग पवित्र जल ले जाकर भगवान शिव पर जलाभिषेक करते हैं. हिंदुओं के लिए एक पवित्र माह होता है. लोग पारंपरिक रूप से सावन महीना मानते हैं. वही प्रयागराज में भी इसे खूब धूमधाम से मनाया जाता है. सावन महीने में प्रयागराज के सबसे प्राचीन शिव मंदिर मनकामेश्वर मंदिर में लाखों भक्त जलाभिषेक करने आते हैं. ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से अबकी बार कुछ अहम निर्णय लिया गया है, जिसको आप भी जान लें.
प्रयागराज में यमुना के तट पर स्थित अक्षय वट मंदिर के पीछे स्थित है भगवान शिव का मनकामेश्वर मंदिर. लोकल 18 से बात करते हुए आचार्य रामचंद्र शुक्ल बताते हैं कि इसी मंदिर में त्रेता युग में भगवान राम ने त्रिवेणी में डुबकी लगाने के बाद भगवान शिव से अपनी कामना के लिए पूजा की थी और उनकी कामना पूरी भी हुई. बताते हैं कि सावन महीने में यहां लाखों वक्त दर्शन करने आते हैं. ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से निर्णय लिया गया है कि सनातन धर्म के उत्थान और भावनाओं को देखते हुए मंदिर में ड्रेस कोड लागू होगा.
वही ड्रेस कोड जो सनातन धर्म से जुड़ा हुआ हो जैसे कि सावन के महीने में इस मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए पुरुषों को धोती कुर्ता पहनना होगा तो वहीं महिलाओं को साड़ी और सूट पहनकर आना होगा. तभी वह मंदिर में प्रवेश पा सकेंगे. लोकल 18 के माध्यम से बताते हैं कि यह भारतीय पोशाक हैं और इसके प्रयोग से तन मन भी पवित्र रहता है.
इस दिन से लग जाएगा सावन
सावन महीने की शुरुआत इस वर्ष 11 जुलाई से होगी जो लगभग 1 महीने का होता है. इस दौरान प्रयागराज में स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पुरुषों के लिए कुर्ता धोती और महिलाओं के लिए साड़ी सलवार सूट का ड्रेस कोड लागू होगा. सावन के महीने में ना तो पुरुष जींस शर्ट पहन के जा सकते हैं और ना ही महिलाएं जींस शर्ट या फिर अन्य कोई पश्चिमी सभ्यता से संबंधित ड्रेस को पहनकर जा सकती हैं. मनकामेश्वर मंदिर में कॉरिडोर बनने के बाद श्रद्धालुओं को अब आराम से दर्शन मिल सकेगा.