मच्छरों के बच्चे पहुंचा सकते हैं जेल! गाजियाबाद वालों पर चलेगी चाबुक, लार्वा मिलते ही मुसीबत तय

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मच्छरों के बच्चे पहुंचा सकते हैं जेल! गाजियाबाद वालों पर चलेगी चाबुक, लार्वा मिलते ही मुसीबत तय


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Ghaziabad News : लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है. जानबूझकर लापरवाही करने वाले छोड़े नहीं जाएंगे. मंजूरी मिलते ही नियम लागू कर दिए जाएंगे. इन दिनों खतरा ज्यादा है.

गाजियाबाद. यूपी के गाजियाबाद जिले में डेंगू और मलेरिया के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सख्त हो गया है. अब अगर किसी भी घर या भवन में डेंगू का लार्वा मिला तो मालिक पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके लिए मलेरिया विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर जिलाधिकारी को भेजा है. मंजूरी मिलते ही नियम लागू कर दिए जाएंगे. बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया तेजी से फैलते हैं. जिले में अब तक डेंगू के 30 और मलेरिया के 38 केस सामने आ चुके हैं. विभाग की टीम को 500 से ज्यादा जगहों पर डेंगू का लार्वा मिला है. हालात यह हैं कि लार्वा घरों के कूलर, गमलों, पानी की टंकियों और यहां तक कि एटीएम में रखी एसी की बाल्टियों तक में पाया गया है.

पहली बार समझाएंगे फिर…

जिला मलेरिया अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर का अहम हिस्सा गाजियाबाद यूपी का डेंगू प्रभावित जिला माना जाता है. यहां हर साल डेंगू और चिकनगुनिया के अधिक केस सामने आते हैं. रोकथाम के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है. 2016 में सरकार ने अधिसूचना जारी की थी. इसके तहत अगर किसी परिसर में डेंगू मच्छर का लार्वा या उसके पनपने की स्थिति मिलती है तो मालिक पर कार्रवाई होगी. पहली बार जांच में समझाया जाएगा कि सफाई रखें. 24 घंटे बाद दोबारा जांच होगी अगर तब भी स्थिति जस की तस मिली तो विभाग खुद छिड़काव करेगा और 5 से 10 हजार तक का जुर्माना लगाया जाएगा. परिसर मालिक को ट्रेजरी के माध्यम से जुर्माना जमा करना होगा.

जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, बार-बार लापरवाही करने पर स्वास्थ्य विभाग कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है. जेल भी जाना पड़ सकता है. इस बार बारिश ज्यादा हुई है इसलिए विभाग और सतर्क है. गाजियाबाद को हाई अलर्ट पर रखा गया है. संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है.

घर-घर तलाशी

स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. स्कूलों और ग्राम प्रधानों के जरिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. विभाग की टीमें कॉलोनियों और मोहल्लों में जाकर सर्वे कर रही हैं. अब तक सवा लाख से अधिक घरों की जांच हो चुकी है. लोगों को हिदायत दी जा रही है कि सप्ताह में एक बार कूलर, टंकी और गमलों का पानी जरूर बदलें. दवा का छिड़काव भी कराया जा रहा है ताकि एडिज मच्छर की ब्रीडिंग को रोका जा सके.

सबसे ज्यादा इन इलाकों में केस 
डेंगू-मलेरिया के सबसे अधिक मामले इंदिरापुरम, गोविंदपुरम, राजेंद्र नगर, वैशाली, वसुंधरा और विजयनगर क्षेत्रों में सामने आए हैं. विभाग का कहना है कि इन मामलों में लापरवाही ही सबसे बड़ा कारण है. चेतावनी के बावजूद लोग पानी नहीं बदलते जिससे मच्छरों की ब्रीडिंग बढ़ती है.

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