रायबरेली के दिवाकर बने इनकम टैक्स अधिकारी, भावुक कर देगी सफलता की कहानी

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रायबरेली के दिवाकर बने इनकम टैक्स अधिकारी, भावुक कर देगी सफलता की कहानी


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Raebareli Success Story: दिवाकर के पिता लालता प्रसाद पटेल बताते है कि जिस दिन रिजल्ट आया वह सुबह खेत जाने की तैयारी कर रहे थे. तभी उन्हें खबर मिली कि उनका बेटा इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी बन गया है. वे कहते है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर दोनों बेटों को पढ़ाया. आज बड़ा बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और छोटा बेटा इनकम टैक्स में ऑफिसर बन गया है. वह गर्व से कहते है कि जो वह खुद नहीं कर सके उनके बेटों ने वह कर दिखाया.

Success Story: कहते है कि अगर आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए है तो आपकी मेहनत ही आपको आसमान की बुलंदी तक पहुंचाती है. कठिन संघर्ष ही सफलता के नए आयाम तय करता है. यह पंक्तियां रायबरेली जिले के किसान लालता प्रसाद के बेटे दिवाकर पटेल पर पूरी तरह लागू होती है. दिवाकर ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर वह मुकाम हासिल किया है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है.

रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बहुदा कला गांव के रहने वाले दिवाकर पटेल बेहद गरीब परिवार से है. उनके पिता लालता प्रसाद पुश्तैनी जमीन पर खेती करते है और मां लक्ष्मी देवी गृहणी है. आर्थिक सीमाओं के बावजूद दिवाकर ने हार नहीं मानी और अपने संघर्ष के दम पर सपनों को नई उड़ान दी. हाल ही में कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने वर्ष 2025 की SSC CGL परीक्षा का परिणाम घोषित किया. जिसमें दिवाकर ने ऑल इंडिया स्तर पर 1933वीं रैंक हासिल की. उनका चयन आयकर विभाग में कार्यालय अधीक्षक के पद पर हुआ है. रिजल्ट आते ही घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया और परिवार में खुशी का माहौल है.

दिल्ली विश्वविद्यालय तक का सफर
लोकल 18 से बातचीत में दिवाकर बताते है कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के एसआरएम पब्लिक स्कूल में हुई. इसके बाद इंटरमीडिएट के लिए उन्होंने शिवगढ़ कस्बे के एक निजी स्कूल में दाखिला लिया. वर्ष 2021 में इंटरमीडिएट पास करने के बाद उन्होंने कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट क्लियर कर दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में BSc (Hons) Maths में प्रवेश लिया. यहीं पढ़ाई के दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी. इंटर के बाद उन्होंने NDA की परीक्षा भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद वह दिल्ली में रहकर SSC CGL की तैयारी में जुट गए और कड़ी मेहनत के बाद सफलता हासिल की.

पहले ही प्रयास में कामयाबी
दिवाकर ने बताया कि SSC CGL परीक्षा में उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता मिल गई. वह मानते है कि उनका सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है. उनका लक्ष्य UPSC पास कर IAS बनना है. इसी वजह से वह नौकरी के साथ आगे की पढ़ाई जारी रखेंगे. वह बताते है कि शुरुआत से ही परिवार का साथ मिला. खासकर बड़े भाई विनय पटेल, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उनका मार्गदर्शन और सहयोग हमेशा मिला. यही वजह रही कि SSC CGL जैसी कठिन परीक्षा में उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता मिल सकी. दिवाकर के अनुसार उन्होंने रोजाना 5 से 6 घंटे की नियमित पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की.

खेत जाते समय मिली खुशखबरी
दिवाकर के पिता लालता प्रसाद पटेल बताते है कि जिस दिन रिजल्ट आया वह सुबह खेत जाने की तैयारी कर रहे थे. तभी उन्हें खबर मिली कि उनका बेटा इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी बन गया है. वे कहते है कि उन्होंने कड़ी मेहनत कर दोनों बेटों को पढ़ाया. आज बड़ा बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और छोटा बेटा इनकम टैक्स में ऑफिसर बन गया है. वह गर्व से कहते है कि जो वह खुद नहीं कर सके उनके बेटों ने वह कर दिखाया.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



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